‘देवभूमि का माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करो’, पहाड़ी आर्मी ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

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हल्द्वानी। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड ने धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं के दौरान कथित अराजक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो वह आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि हाल ही में कर्णप्रयाग में हुई एक सामान्य झड़प को कुछ अराजक तत्वों ने सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव और अशांति का माहौल बना। संगठन का कहना है कि इससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हुआ है।

पहााड़ी आर्मी ने यह भी आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र में गुरुद्वारे में हुई घटनाओं के दौरान पुलिस और आईटीबीपी के जवानों पर पथराव किया गया, लेकिन प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं की। संगठन का दावा है कि संबंधित लोगों को पुलिस सुरक्षा में रवाना किया गया, जिससे गलत संदेश गया।

ज्ञापन में 25 जून को पांवटा साहिब-उत्तराखंड सीमा पर हुई घटना का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और सुरक्षा बलों के साथ धक्का-मुक्की की। संगठन का कहना है कि इसके बाद भी सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे तत्वों के हौसले बढ़े हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और पहाड़ी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया।

पहााड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि देवभूमि में धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राएं शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हों, इसके लिए कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र संज्ञान नहीं लिया तो संगठन एक सप्ताह बाद आंदोलन शुरू करेगा।

इस दौरान जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, महिला जिला अध्यक्ष प्रेमा मेर, नगर अध्यक्ष कविता जीना, जिला उपाध्यक्ष फौजी मदन फरत्याल, दीपा बोरा, हरेंद्र राणा, नगर संगठन मंत्री गीता बिष्ट, प्रदेश सचिव दीपा पांडे, युवा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सयालाकोटी, गोपाल दत्त पांडे, मनोज पांडे, नारायण सिंह बरगली, अजय शाह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।