रामनगर में खनन से राजस्व में बड़ा उछाल, सरकार को करीब 10 करोड़ रुपये की आय

Spread the love

रामनगर। मानसून की शुरुआत के साथ कोसी और दाबका नदियों में खनन गतिविधियां फिलहाल बंद हो गई हैं। हालांकि खनन सत्र समाप्त होने से पहले इस वर्ष सरकार को राजस्व के रूप में उल्लेखनीय लाभ प्राप्त हुआ है। अधिकारियों के अनुसार रामनगर क्षेत्र में उपखनिज निकासी से करीब 9.79 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत कोसी और दाबका नदियों से उपखनिज निकासी का कार्य किया जाता है। इस वर्ष खनन अवधि अपेक्षाकृत अधिक समय तक चली, जिससे राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आय में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
खनन कार्य कोसी नदी के विभिन्न निकासी गेटों तथा दाबका नदी के छोई क्षेत्र से संचालित किया गया। पूरे सत्र के दौरान 10 लाख घनमीटर से अधिक उपखनिज की निकासी की गई, जिसमें सबसे बड़ा योगदान कोसी नदी का रहा।
वन विभाग का कहना है कि अवैध खनन और अवैध परिवहन पर सख्ती, नियमित निरीक्षण, रात्रि गश्त और निकासी बिंदुओं पर दस्तावेजों के सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं के कारण राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अधिकारियों के मुताबिक इस बार राजस्व हानि को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया गया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।
विभाग का मानना है कि प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन के चलते इस वर्ष खनन से सरकार को पिछले साल की तुलना में कई करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।