देहरादून। “62 दिन तक बक्सा मत खोलना, इसके बाद आपकी किस्मत चमक जाएगी।” यह भरोसा एक पूर्व सैनिक दंपती को इतना महंगा पड़ जाएगा, शायद उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा। नई गाड़ी खरीदने के लिए वर्षों की बचत से जोड़े गए छह लाख रुपये जब विशेष पूजा के नाम पर एक बक्से में रखवाए गए तो परिवार को उम्मीद थी कि यह अनुष्ठान उनके जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आएगा। लेकिन 62 दिन बाद जब बक्सा खुला तो भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। रुपये गायब थे और उनकी जगह केवल तीन नारियल और कुछ चावल रखे हुए थे।
यह मामला देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र से सामने आया है, जहां विलासपुर-कांडली निवासी पूर्व सैनिक होम बहादुर थापा ने वैष्णो देवी मंदिर के महंत राहुल थापा पर छह लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
होम बहादुर थापा के अनुसार, वह वर्तमान में ओएनजीसी फायर सर्विस में कार्यरत हैं, जबकि उनकी पत्नी मनीषा थापा एक आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं। वर्ष 2022 से उनका संपर्क राहुल थापा से था। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के कारण परिवार का उन पर विश्वास बढ़ता गया। यही विश्वास बाद में कथित ठगी की वजह बन गया।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में दंपती नई गाड़ी खरीदने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान राहुल थापा ने उन्हें बताया कि वाहन खरीदने से पहले धन शुद्धि का विशेष अनुष्ठान कराना आवश्यक है। कथित तौर पर कहा गया कि इससे धन में वृद्धि होगी, परिवार पर आने वाली परेशानियां दूर होंगी और भविष्य में आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेंगे।
परिवार ने महंत की सलाह पर भरोसा किया। आरोप है कि एक विशेष लकड़ी का बक्सा तैयार कराया गया और बैंक से निकाले गए छह लाख रुपये उसमें रखने को कहा गया। निर्धारित तिथि पर घर में पूजा-अनुष्ठान कराया गया। पूजा के दौरान नकदी को कपड़े में बांधकर बक्से में रखा गया और ऊपर लाल कपड़ा डाल दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि पूजा के बीच उन्हें छत पर परिक्रमा करने भेज दिया गया। जब वे वापस लौटे तो बक्सा बंद था। इसके बाद राहुल थापा ने बक्से को सुरक्षित स्थान पर रखने और 62 दिन तक न खोलने की हिदायत दी। परिवार ने इसे धार्मिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए निर्देशों का पालन किया।
समय बीतता गया। परिवार को भरोसा था कि पूजा का फल शुभ होगा। आखिरकार 15 अक्टूबर 2024 को वह दिन आया, जब बक्सा खोलने का समय पूरा हुआ। उत्सुकता के साथ जब बक्सा खोला गया तो परिवार स्तब्ध रह गया। जिस बक्से में छह लाख रुपये रखे गए थे, उसमें केवल तीन नारियल और कुछ चावल मिले। नकदी का कहीं कोई पता नहीं था।
होम बहादुर थापा का कहना है कि इसके बाद उन्होंने कई बार राहुल थापा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि कभी फोन नहीं उठाया गया तो कभी अलग-अलग बहाने बनाकर मामले को टाल दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, धार्मिक आस्था और सामाजिक संकोच के कारण उन्होंने तत्काल पुलिस की शरण नहीं ली। उन्हें उम्मीद थी कि मामला सुलझ जाएगा। लेकिन हाल के दिनों में राहुल थापा के खिलाफ सामने आए अन्य आरोपों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
अब पूर्व सैनिक दंपती ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

