ब्रिटेन के बहुचर्चित ग्रूमिंग गैंग कांड ने एक बार फिर देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। वर्षों तक नाबालिग लड़कियों के संगठित यौन शोषण से जुड़े मामलों के दोषियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे एंडी बर्निंगम ने बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि कुख्यात ग्रूमिंग गैंग के सरगना शबीर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए सरकार उपलब्ध हर कानूनी विकल्प पर विचार करेगी। बर्नहैम ने साफ कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के मामलों में पीड़ितों का हित सर्वोपरि है और किसी भी कानूनी रास्ते को पहले से खारिज नहीं किया जाना चाहिए।

ब्रिटेन में रोदरहैम, रोचडेल, ऑक्सफोर्ड सहित कई शहरों में सामने आए ग्रूमिंग गैंग मामलों ने देश की न्याय व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जांच में सामने आया कि कई नाबालिग लड़कियों को दोस्ती, उपहार, शराब और अन्य लालच देकर गिरोह के जाल में फंसाया गया और लंबे समय तक उनका यौन शोषण किया गया। बाद की जांच रिपोर्टों में पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप भी लगे।
इसी पृष्ठभूमि में शबीर अहमद का मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। ब्रिटिश सरकार पहले ही उसकी नागरिकता समाप्त कर चुकी है और अब उसे पाकिस्तान डिपोर्ट करने की संभावनाओं पर कानूनी स्तर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यूके इमिग्रेशन एक्ट 1971 के कुछ प्रावधान और पाकिस्तान द्वारा उसे स्वीकार किए जाने से जुड़ी कानूनी जटिलताओं के कारण यह प्रक्रिया आसान नहीं मानी जा रही। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि मामले में हर संभव कानूनी विकल्प की समीक्षा की जाएगी।
ब्रिटेन में यह मामला केवल एक अपराधी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सवालों से भी जुड़ा है कि संगठित यौन अपराधों के मामलों में संस्थाओं ने समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए। अब सरकार पर पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
कौन है ‘डैडी’ शबीर अहमद, जिस पर फिर कस रहा शिकंजा?

रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का सरगना माना जाने वाला शबीर अहमद, जिसे मुकदमे के दौरान पीड़ित लड़कियां कथित तौर पर ‘डैडी’ कहकर बुलाती थीं, ब्रिटेन के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में गिना जाता है। वर्ष 2012 में अदालत ने उसे नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार और अन्य गंभीर यौन अपराधों का दोषी ठहराते हुए 22 वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी। अभियोजन के अनुसार, गिरोह किशोर लड़कियों को दोस्ती, उपहार, बाहर का खाना, शराब और अन्य तरीकों से भरोसे में लेकर उनका संगठित यौन शोषण करता था।
सजा के बाद शबीर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी गई। जेल से रिहा होने के बाद भी वह कड़ी निगरानी में है। उस पर इलेक्ट्रॉनिक जीपीएस टैग लगाया गया है, उसका नाम जीवनभर के लिए सेक्स ऑफेंडर्स रजिस्टर में दर्ज है और बच्चों या अपने पीड़ितों से संपर्क करने पर प्रतिबंध है।
अब प्रधानमंत्री पद की दौड़ में आगे चल रहे एंडी बर्नहैम ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शबीर अहमद को पाकिस्तान डिपोर्ट करने के लिए सरकार उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।
मिली टैप्लिन का मामला भी फिर चर्चा में

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इसी बीच 18 वर्षीय मिली टैप्लिन का चर्चित ड्रिंक-स्पाइकिंग मामला भी सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। उन्होंने आरोप लगाया था कि नाइटक्लब में एक अजनबी से ड्रिंक लेने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह अस्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो गई थीं। उनकी मां ने इस घटना का वीडियो Sky News पर शेयर कर लोगों को ड्रिंक स्पाइकिंग के प्रति सतर्क किया था।


