फूलों की घाटी में गुम हुआ ‘गुमशुदा’ निहंग

Spread the love

गोपेश्वर। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में हरियाणा के निहंग सरदार गब्बर सिंह के लापता होने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। इस घटना ने उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।

जानकारी के अनुसार निहंग सरदार गब्बर सिंह ने फूलों की घाटी के प्रवेश द्वार पर अपना पंजीकरण कराया और इसके बाद ट्रैक पर आगे बढ़ गए। हालांकि देर शाम तक उनके वापस नहीं लौटने पर वन विभाग ने खोजबीन शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ को भी सर्च अभियान में लगाया गया है। घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

जांच के दौरान सामने आया कि गब्बर सिंह के संबंध में दर्ज कुछ जानकारियां संदिग्ध थीं। बाद में संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध सूचनाओं की पड़ताल में पता चला कि वह अपने गृह राज्य हरियाणा में भी पिछले तीन वर्षों से लापता बताए जा रहे हैं। इससे मामला और रहस्यमय हो गया है।

पर्यटन सीजन में बढ़ी चुनौती

उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और ट्रेकिंग सीजन के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। फूलों की घाटी भी एक जून से पर्यटकों के लिए खुल चुकी है और यहां प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।

पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का अचानक बदलना, मोबाइल नेटवर्क की सीमित उपलब्धता और कठिन ट्रैकिंग मार्ग कई बार पर्यटकों के लिए चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग सहित कई पर्वतीय जिलों में पिछले वर्षों के दौरान ट्रैकिंग और पर्यटन के दौरान लोगों के लापता होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। अधिकांश मामलों में रेस्क्यू टीमों ने समय रहते पर्यटकों को सुरक्षित खोज निकाला, लेकिन कई बार खोज अभियान लंबा भी चला है।

निहंग सरदार गब्बर सिंह के लापता होने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बढ़ती पर्यटक भीड़ के अनुरूप सुरक्षा प्रबंधन को पर्याप्त रूप से मजबूत किया जा सका है। फिलहाल वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें गब्बर सिंह की तलाश में जुटी हैं और प्रशासन को उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।