अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे औलिया गांव में एक दर्दनाक हादसे में 48 वर्षीय बचुली देवी की खाई में गिरने से मौत हो गई। वह रोजाना की तरह मवेशियों को लेकर गांव के पास जंगल की ओर गई थीं। दोपहर तक घर वापस नहीं लौटने पर उनके पति गोधन सिंह चिंतित हो उठे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर बचुली देवी की तलाश शुरू की।
सूचना मिलने पर प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की खैरना इकाई मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले खोज अभियान के दौरान बचुली देवी करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिरी हुई मिलीं। एसडीआरएफ के जवान कठिन चट्टानों और खड़ी ढलानों से नीचे उतरे, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
इसके बाद एसडीआरएफ और ग्रामीणों ने संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत करते हुए शव को खाई से बाहर निकालकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के सहायक उपनिरीक्षक महिपाल सिंह, प्रदीप पंवार, गणेश मेहरा, कमल जोशी, अमित टम्टा, नवीन पांडेय और गजेंद्र सिंह सहित अन्य जवान मौजूद रहे।
इस घटना के बाद पूरे औलिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है। इस तरह की कॉपी स्थानीय अखबारों की शैली के अधिक करीब है, जिसमें घटना का क्रम, संबंधित अधिकारियों के नाम और बचाव अभियान का विवरण स्वाभाविक रूप से शामिल रहता है।



