ममता के किले में सबसे बड़ी सेंध? 19 सांसदों की बगावत की चर्चा ने बंगाल की राजनीति में मचा दिया भूचाल

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कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अचानक आए घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 19 सांसदों के कथित तौर पर अलग रुख अपनाने की चर्चाओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक किले को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिन नामों की चर्चा हो रही है, वे पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यदि इन चर्चाओं में तथ्य निकलते हैं तो यह केवल सांसदों का असंतोष नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति में शक्ति संतुलन बदलने वाली घटना साबित हो सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बागी माने जा रहे सांसदों पर खुलकर हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि किसी नेता को संगठन से असहमति है तो उसे पहले जनता के बीच जाकर इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि कुछ नेता भाजपा के संपर्क में हैं और विपक्षी राजनीति को कमजोर करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा बन रहे हैं।

उधर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस पूरे घटनाक्रम को विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि जिस राजनीतिक मंच के सहारे नेता चुनाव जीतकर आते हैं, बाद में उसी विचारधारा के विरोधियों के साथ खड़ा होना जनता के विश्वास के साथ न्याय नहीं माना जा सकता। उन्होंने विपक्षी एकता की जरूरत पर भी जोर दिया।

राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या यह केवल दबाव की राजनीति है या वास्तव में तृणमूल कांग्रेस के भीतर कोई बड़ा पुनर्गठन चल रहा है। क्योंकि जिन सांसदों के नाम सामने आए हैं, उनमें कई ऐसे चेहरे हैं जिनकी पहचान केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मनोरंजन और खेल जगत से भी जुड़े रहे हैं। 

फिलहाल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सार्वजनिक तौर पर आत्मविश्वास दिखा रही है और दावा कर रही है कि पार्टी संगठन पहले की तरह मजबूत है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि यदि सब कुछ सामान्य है तो फिर एक साथ इतने बड़े नामों की चर्चा आखिर क्यों हो रही है।

आने वाले दिनों में सांसदों की ओर से संभावित बयान, लोकसभा स्तर पर किसी औपचारिक पत्र की पुष्टि अथवा पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी। तब तक यह मामला केवल बंगाल की राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विपक्ष की एकता और भविष्य की राजनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन चुका है।

कथित बागी TMC सांसदों की पूरी सूची

मीडिया रिपोर्टों में बागी सांसदों के नाम सामने आए हैं। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक तृणमूल कांग्रेस या संबंधित सांसदों की ओर से नहीं की गई है।

  • काकोली घोष दस्तीदार – बारासात
  • जगदीश चंद्र बसूनिया – कूचबिहार
  • खलीलुर रहमान – जंगीपुर
  • यूसुफ पठान – बहरामपुर
  • अबू ताहिर खान – मुर्शिदाबाद
  • पार्थ भौमिक – बैरकपुर
  • बापी हलदार – मथुरापुर
  • सयानी घोष – जादवपुर
  • माला रॉय – कोलकाता दक्षिण
  • मिताली बाग – आरामबाग
  • दीपक अधिकारी (देव) – घाटाल
  • कालीपद सोरेन – झाड़ग्राम
  • जून मालिया – मेदिनीपुर
  • अरूप चक्रवर्ती – बांकुड़ा
  • डॉ. शर्मिला सरकार – वर्धमान पूर्व
  • शत्रुघ्न सिन्हा – आसनसोल
  • असित कुमार माल – बोलपुर
  • शताब्दी रॉय – बीरभूम
  • रचना बनर्जी – हुगली