तेलंगाना के वानापर्थी जिले में कर्ज और कथित लोन रिकवरी के दबाव से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सालकलापुर गांव के पास एक आम के बाग में रहने वाले 40 वर्षीय नरसिम्हुलु ने कथित तौर पर अपनी पत्नी एलम्मा, 16 वर्षीय बेटे साई निहाल और 12 वर्षीय बेटी साहिथि की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली।
ग्रामीणों के अनुसार, नरसिम्हुलु पर लगभग 60 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का कर्ज था। वह लंबे समय से आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा था। बताया जाता है कि कर्ज चुकाने को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, घटना देर रात से तड़के के बीच हुई। आरोप है कि नरसिम्हुलु ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को पानी से भरे गड्ढे में धकेल दिया। जांच के दौरान बेटे के हाथ बंधे होने की बात भी सामने आई है। इसके बाद उसने पास ही एक पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
घटना से पहले नरसिम्हुलु ने अपने मोबाइल फोन में एक भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में उसने अपनी आर्थिक परेशानियों, कर्ज के दबाव और कथित अपमान का जिक्र किया। उसने दावा किया कि कर्जदाताओं और रिकवरी से जुड़े लोगों द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। उसने यह भी कहा कि उसने कर्ज चुकाने के लिए समय मांगा था, लेकिन उसे राहत नहीं मिली।
अगली सुबह जब लोगों को घटना की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस अब वीडियो संदेश, आर्थिक लेन-देन, कर्ज की स्थिति और कथित दबाव के आरोपों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के हर पहलू को खंगाला जाएगा।
एक खुशहाल परिवार का इस तरह खत्म हो जाना पूरे इलाके के लिए सदमे की बात बन गया है। यह घटना आर्थिक संकट, कर्ज के दबाव और मानसिक तनाव के खतरनाक प्रभावों की ओर एक बार फिर ध्यान खींच रही है।

