रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन अजय पंत की रिहाई का इंतजार कर रहे परिवार को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। ब्रिटेन की अदालत में 16 जुलाई को होने वाली सुनवाई टल जाने से उनके घर लौटने की उम्मीद फिलहाल अधर में लटक गई है। अब परिवार की निगाहें अगली सुनवाई की तारीख पर टिकी हैं, लेकिन वह कब होगी, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
कैप्टन अजय पंत पिछले महीने रूस से भारत तेल लेकर आ रहे जहाज के संचालन के दौरान ब्रिटेन में हिरासत में लिए गए थे। इसके बाद से उनका परिवार लगातार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रहा है। माता-पिता, पत्नी और दो बेटियां हर दिन किसी अच्छी खबर की उम्मीद में इंतजार कर रहे थे। उन्हें विश्वास था कि 16 जुलाई की सुनवाई के बाद अजय को राहत मिल सकती है, लेकिन सुनवाई आगे बढ़ने से उनकी चिंता और बढ़ गई।
अजय की रिहाई के लिए परिवार ने जनप्रतिनिधियों और सरकार से भी मदद की गुहार लगाई। सांसद अजय भट्ट और सांसद अनिल बलूनी से लेकर प्रदेश सरकार तक ने मामले में पहल की। राज्य सरकार ने भारतीय दूतावास के माध्यम से आवश्यक पैरवी के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा, जबकि कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर अजय की जल्द रिहाई की मांग की।
कैप्टन अजय के पिता वी.सी. पंत ने बताया कि अदालत से फिलहाल उनके बेटे को कोई राहत नहीं मिली है। उन्हें सिर्फ इतना पता चला है कि सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अगली सुनवाई कब होगी, इसकी जानकारी अभी तक परिवार को नहीं मिली है। इसी अनिश्चितता ने पूरे परिवार की बेचैनी और इंतजार दोनों को लंबा कर दिया है।
अब परिवार की एक ही उम्मीद है कि अगली सुनवाई में सकारात्मक फैसला आए और लंबे समय से घर से दूर कैप्टन अजय पंत सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट सकें। उनके गांव और क्षेत्र के लोग भी लगातार उनकी सकुशल वापसी की दुआ कर रहे हैं।


