एसआईआर की शंकाओं का होगा समाधान, अब जनता के बीच पहुंचेंगे निर्वाचन अधिकारी

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उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मतदाताओं के बीच बनी शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करने के लिए निर्वाचन विभाग ने ‘शंका-समाधान-संवाद’ शुरू किया है। अब जिला निर्वाचन अधिकारियों से लेकर स्वीप की टीमें जनता के बीच पहुंचकर मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देंगी। स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

एसआईआर के दौरान करीब 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और उनकी सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच मतदाता सूची से जबरन नाम काटे जाने, मतदान केंद्र बदले जाने और नोटिस नहीं मिलने जैसी कई शंकाएं सामने आ रही हैं।

इन्हीं सवालों को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अधिकारियों को सीधे जनता के बीच जाकर प्रमाणिक जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारी प्रत्येक सप्ताह संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा।

39 हजार मतदाताओं पर आपत्ति

एसआईआर के दौरान फॉर्म छह से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, फॉर्म सात से नाम हटाने या किसी मतदाता पर आपत्ति दर्ज करने और फॉर्म आठ से नाम-पते में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। अब तक फॉर्म सात के तहत 39 हजार मतदाताओं को लेकर आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। खास बात यह है कि कुछ स्थानों पर एक व्यक्ति ने ही 150 तक आपत्तियां दर्ज की हैं।

वहीं, नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए 82 हजार आवेदन और नाम या पता सुधारने के लिए 37 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 13 अगस्त है। 14 अगस्त के बाद इनकी सुनवाई शुरू होगी।

सुनवाई के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आपत्तिकर्ता और संबंधित मतदाता दोनों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका देंगे। इसके बाद दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। यानी एसआईआर को लेकर फैली अफवाहों के बीच अब निर्वाचन विभाग का फोकस सीधे मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने पर है।