
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देवप्रयाग में दो छात्राओं के साथ कथित छेड़खानी और अमर्यादित व्यवहार का मामला सामने आया है। परिसर के शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी पर एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। शिकायत के आधार पर थाना बाहबाजार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपित शिक्षक को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
विश्वविद्यालय परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम के अनुसार, 14 सितंबर को उन्होंने छात्राओं से उनकी समस्याओं के संबंध में बातचीत की थी। इस दौरान दोनों छात्राएं कुछ असहज नजर आईं। इसके बाद उन्हें भरोसे में लेकर विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें उनके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार की बात सामने आई।
निदेशक ने बताया कि मामले की आंतरिक जांच महिला कार्मिकों से भी कराई गई। इसके बाद 19 सितंबर को थाना बाहबाजार में विस्तृत लिखित तहरीर दी गई। मामले की सूचना विश्वविद्यालय मुख्यालय को भी भेजी गई है। पुलिस के अनुसार, घटना 22 अगस्त की बताई गई है।
संस्थान की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच अधिकारी एसएसआइ अनीता नेगी ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत के अनुसार, शिक्षक के खिलाफ छात्राओं से बैड टच के संबंध में लिखित तहरीर मिली थी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पोक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष से कम सजा वाले प्रावधानों में गिरफ्तारी के संबंध में विधिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। मामले में पुलिस तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. सूर्यमणि भंडारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निदेशक के अनुसार, जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षक को फिलहाल गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर भी मामले की जांच जारी है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।




