“7 करोड़ का मकान है… पुलिस के मुंह में नोट भर दूंगा”, फिर क्या हुआ? कुत्ते के विवाद में वायरल हुआ ‘रईसजादे’ का वीडियो, अब दर्ज हुई एफआईआर

Spread the love

गाजियाबाद में एक पालतू कुत्ते को लेकर शुरू हुआ पड़ोसियों का मामूली विवाद देखते ही देखते ऐसा बवाल बन गया कि उसका वीडियो पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक युवक खुद को करोड़ों की संपत्ति का मालिक बताते हुए कथित तौर पर पुलिस को पैसे से खरीद लेने तक की बात कहता सुनाई देता है। अब यही वीडियो उसके लिए मुश्किल का कारण बन गया है और पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला कविनगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर का है। आरोप है कि एक परिवार के पालतू कुत्ते के साथ मारपीट किए जाने की बात पर दोनों पड़ोसी परिवार आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज और धमकियों में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया और किसी ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

वायरल वीडियो में लक्ष्य चौधरी कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं, “मेरा सात करोड़ का मकान है, पुलिस के मुंह में नोट भर दूंगा।” वहीं दूसरी ओर मौजूद महिला भी उन्हें जवाब देती दिखाई देती है। वीडियो में लक्ष्य चौधरी अपने पालतू कुत्ते को पीटे जाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाते हैं कि आखिर उनके कुत्ते को क्यों मारा गया।

मामले ने कानूनी मोड़ तब लिया, जब पड़ोस में रहने वाली सारिका त्यागी ने कविनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार 27 जुलाई को पहले उनके पति को फोन पर धमकी दी गई। इसके बाद दोपहर में सहदेव चौधरी के पुत्र लक्ष्य चौधरी, आयुष और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर में घुसकर गाली-गलौज की, मारपीट की, बुजुर्गों और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा जान से मारने की धमकी दी।

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि लक्ष्य चौधरी ने अपने पिता के पुलिस विभाग में होने का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता के पति का एनकाउंटर कराने और पुलिस को पैसों से प्रभावित करने जैसी बातें कहीं। घटना के बाद डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

पुलिस का कहना है कि केवल एक पक्ष ही नहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत भी मिली है। वायरल वीडियो, दोनों पक्षों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।