उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आया शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत का मामला पूरे प्रदेश को झकझोर रहा है। महज आठ महीने पहले बड़े अरमानों के साथ शादी के बंधन में बंधी सृष्टि अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी मौत ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि कई ऐसे सवाल भी खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब अब सीबीसीआईडी की जांच से मिलने की उम्मीद है।
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब मौत से पहले सृष्टि द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उन्होंने अपनी मां से माफी मांगते हुए अपनी पीड़ा का जिक्र किया। हालांकि, मौत के पीछे की असली वजह क्या थी, इसका फैसला जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
सृष्टि कंडारी मूल रूप से देवप्रयाग के रिगौली गांव की रहने वाली थीं। पढ़ाई में बेहद मेधावी सृष्टि गणित विषय की शिक्षिका थीं। परिवार के अनुसार, 29 नवंबर 2025 को उनकी शादी देहरादून के हर्रावाला निवासी और सचिवालय कर्मचारी सौरभ रतूड़ी से त्रियुगीनारायण मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी के बाद परिवार को उम्मीद थी कि सृष्टि का नया जीवन खुशहाल रहेगा, लेकिन कुछ ही महीनों में हालात बदलने लगे।
सृष्टि के मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज और अन्य बातों को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का कहना है कि समय बीतने के साथ सृष्टि पर मानसिक दबाव लगातार बढ़ता गया।
परिजनों के मुताबिक, शादी के करीब तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर की तबीयत बिगड़ी। पहले उन्हें हार्ट अटैक आया और बाद में कैंसर की पुष्टि हुई। आरोप है कि इसी दौरान किसी तांत्रिक की सलाह के बाद ससुराल पक्ष ने यह मान लिया कि बहू के घर आने के बाद ही परिवार पर संकट शुरू हुआ है।
‘मनहूस’ कहकर प्रताड़ित करने का आरोप
मृतका की मां सीमा कंडारी का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने अंधविश्वास के चलते उनकी बेटी को अशुभ और मनहूस बताना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि सृष्टि को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि वह पूरी तरह टूट गई थी। परिवार का दावा है कि ससुर के निधन के बाद उस पर मानसिक दबाव और बढ़ा दिया गया।
29 जुलाई की शाम सृष्टि ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इसी दिन बाद में वह अपने घर में फंदे से लटकी मिलीं। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। हालांकि, पुलिस पूरे वीडियो और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
परिजनों के अनुसार, जब काफी देर तक सृष्टि से संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार के लोग श्रीनगर से देहरादून पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली। परिवार का कहना है कि सृष्टि आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाली लड़की नहीं थी और उसकी मौत के पीछे लगातार हुई मानसिक प्रताड़ना जिम्मेदार है।
मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर डोईवाला पुलिस ने पति सौरभ रतूड़ी, सास और ननद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गृह सचिव को मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपने के निर्देश दिए।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की आपराधिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं।



