पहले हार्ट अटैक की खबर, फिर बंद मिला दरवाजा… मुंह में तौलिया और गहने गायब होने से मचा हड़कंप, अब पोस्टमार्टम ने पलट दी पूरी कहानी

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अंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती देवी की मौत का मामला कुछ ही घंटों में रहस्यमय से सामान्य मौत की कहानी में बदल गया। शुरुआत एक फोन कॉल से हुई, जिसमें परिवार को बताया गया कि इंद्रावती देवी को हार्ट अटैक आया है और उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना होगा। लेकिन जब परिजन धवरूवा गांव स्थित घर पहुंचे तो वहां के हालात ने उन्हें चौंका दिया। घर का दरवाजा बाहर से बंद था और अंदर बुजुर्ग महिला का शव मिला। इसके बाद जो बातें सामने आईं, उन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

मामला अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र के धवरूवा गांव का है। जानकारी के मुताबिक, आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा 15 अगस्त को गांव के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद वह शाम को लखनऊ लौट गए। उनकी 91 वर्षीय मां इंद्रावती देवी गांव स्थित अपने घर में अकेली रहती थीं। उनकी देखभाल के लिए एक दाई आती थी। इसके बाद रात में क्या हुआ, इसकी तस्वीर उस समय साफ नहीं थी।

अगली सुबह करीब 9:49 बजे परिवार को फोन कर बताया गया कि इंद्रावती देवी को हार्ट अटैक आया है। उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने की बात कही गई। परिवार के लोग जब घर पहुंचे तो बाहर से दरवाजा बंद मिला। दाई भी घर पहुंची थी और स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर बुजुर्ग महिला का शव मिला।

घर के अंदर की स्थिति देखकर परिजनों को मामला सामान्य मौत का नहीं लगा। दर्ज एफआईआर में महिला के मुंह में तौलिया होने, मुंह से खून निकलने और शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही गई। शिकायत में सिर के पीछे चोट के निशान का भी उल्लेख था। इसके अलावा महिला के शरीर पर पहने जाने वाले कई आभूषण नहीं मिले। गले की सोने की चेन, सोने के मोती वाली तुलसी की माला, नाक की कील, कानों के आभूषण और पायल का एफआईआर में जिक्र किया गया।

इन परिस्थितियों ने शक को और गहरा कर दिया। परिजनों ने आशंका जताई कि किसी ने जबरदस्ती घर में घुसकर बुजुर्ग महिला की हत्या की और इसके बाद उनके आभूषण निकाल लिए। मामला हत्या और लूट की आशंका तक पहुंच गया। घर का बाहर से बंद होना भी पुलिस के लिए अहम सवाल बन गया। जांच में यह पता लगाना जरूरी था कि घर में कौन आया, महिला की मौत कब हुई और दरवाजा बाहर से किसने बंद किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। अयोध्या रेंज के आईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच को आगे की जांच की अहम कड़ी बनाया। अब तक सामने आई परिस्थितियों के आधार पर कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने अचानक करवट ले ली।

पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में इंद्रावती देवी की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई। जांच में हत्या या लूट के प्रमाण नहीं मिले। इससे भी बड़ा खुलासा उन आभूषणों को लेकर हुआ, जिन्हें शुरुआत में गायब बताया गया था। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सोने की अंगूठी, नाक की कील, कानों की सोने की बालियां और अन्य सामान घर से ही सुरक्षित बरामद हो गए।

इस तरह जिस मामले की शुरुआत हार्ट अटैक की सूचना से हुई थी, वह कुछ ही समय में संदिग्ध मौत, हत्या और लूट की आशंका तक पहुंच गया और फिर पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच के बाद दोबारा हार्ट अटैक पर आकर ठहर गया। शुरुआती एफआईआर में दर्ज आशंकाओं ने जरूर मामले को रहस्यमय बनाया, लेकिन अब पुलिस की जांच के मुताबिक इंद्रावती देवी की मौत हार्ट अटैक से हुई और हत्या व लूट की पुष्टि नहीं हुई है।