देहरादून में बांग्लादेशी महिला हिरासत में, 2017 में असम बॉर्डर से भारत आने का दावा; पति के साथ चला रही थी बुटीक

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देहरादून में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने आईएसबीटी के पास पंजाबी कॉलोनी से एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक महिला भारत में वैध दस्तावेजों के बिना रह रही थी। पूछताछ में महिला ने दावा किया कि वह वर्ष 2017 में असम बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी और पिछले कई वर्षों से अलग-अलग जगहों पर रह रही थी।

पटेलनगर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम 14 अगस्त को क्षेत्र में बाहरी लोगों का सत्यापन कर रही थी। इसी दौरान पंजाबी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही एक महिला पुलिस के संदेह के घेरे में आई। पुलिस ने महिला से उसकी पहचान और भारत में रहने से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई।

मोबाइल में मिली बांग्लादेशी दस्तावेजों की तस्वीर

पुलिस पूछताछ में महिला ने अपना नाम हमीदा अख्तर उर्फ हमीदा खान, उम्र 38 वर्ष, पिता का नाम मोहम्मद हसन और मूल निवास ढाका, बांग्लादेश बताया। पुलिस के अनुसार महिला के मोबाइल फोन की जांच के दौरान हमीदा अख्तर के नाम की बांग्लादेशी आईडी और पासपोर्ट की तस्वीरें भी मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उसके भारत में प्रवेश और यहां रहने की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ शुरू की।

2017 में असम बॉर्डर से भारत आने का दावा

पुलिस के अनुसार पूछताछ में महिला ने बताया कि वह वर्ष 2017 में असम बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी। इसके बाद वर्ष 2018 में उसने दिल्ली निवासी अकरम नाम के व्यक्ति से निकाह किया। करीब डेढ़ साल पहले वह अपने पति के साथ दिल्ली से देहरादून आई थी।

देहरादून पहुंचने के बाद उसके पति ने चांचक पुल के पास एक बुटीक शुरू किया। महिला के मुताबिक वह भी पति के साथ मिलकर बुटीक का संचालन कर रही थी। दोनों देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकानों में रह चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला लंबे समय तक भारत में किस तरह रही और उसके रहने तथा पहचान से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति क्या थी।

पुलिस अब केवल महिला की पहचान और उसके भारत में रहने की अवधि की जांच ही नहीं कर रही, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसे भारत में रहने के लिए किसी व्यक्ति ने मदद तो नहीं की। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महिला के खिलाफ भारत में अवैध रूप से रहने के आरोपों को लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच पूरी होने के बाद उसके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

21 बांग्लादेशी नागरिकों पर हो चुकी है कार्रवाई

देहरादून पुलिस के मुताबिक जिले में इससे पहले भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार अब तक 21 बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई हुई है। इनमें फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारत में रहने के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया, जबकि 10 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।