देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने ताइक्वांडो खिलाड़ी सायरा की कही एक बात ने इंटरनेट मीडिया पर ऐसा रूप ले लिया कि मामला रिश्वत मांगने के आरोप तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री के युवा संवाद कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की छात्रा सायरा ने भावुक होकर बताया था कि उसका अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था, लेकिन उससे करीब डेढ़ लाख रुपये मांगे गए और इसी वजह से वह प्रतियोगिता में नहीं जा सकी। छात्रा की यह बात कैमरे में रिकॉर्ड हुई और वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इसके बाद इसे खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगने के आरोप के तौर पर प्रचारित किया गया।
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने भी अधिकारियों से छात्रा के स्कूल और उसके ताइक्वांडो प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। हालांकि, इसके बाद खुद सायरा ने वीडियो जारी कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया। उसने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने वह उस समय अपनी पूरी बात स्पष्ट तरीके से नहीं रख पाई थी। उसके अनुसार, मामला रिश्वत मांगने का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए होने वाले खर्च की व्यवस्था से जुड़ा था।
सायरा के मुताबिक, वह जम्मू में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल हुई थी। इसके बाद उसका चयन रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए यात्रा समेत कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये बताया गया था। इसमें से करीब 1.70 लाख रुपये की सहायता संबंधित काउंसिल या फेडरेशन की ओर से मिलने की बात थी, जबकि बाकी रकम की व्यवस्था उसे खुद करनी थी। सायरा के अनुसार, करीब डेढ़ लाख रुपये की व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी और इसी वजह से वह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने नहीं जा पाई।
सायरा ने यह भी बताया कि उसने इस बारे में अपने स्कूल और यहां तक कि अपने स्वजन को भी पूरी जानकारी नहीं दी थी। ऐसे में निर्धारित समय तक रकम की व्यवस्था नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जब उसने अपनी परेशानी बताई तो भावुक हो गई और उसकी बात का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी अधूरी जानकारी के कारण मामला रिश्वत मांगने के आरोप के रूप में सामने आया।
अब सायरा के स्पष्टीकरण के बाद मामले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खिलाड़ी ने खुद रिश्वत मांगने की बात से इनकार किया है और पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जरूरी धनराशि की व्यवस्था नहीं हो पाने से जुड़ा बताया है। ऐसे में इस प्रकरण में सबसे अहम बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर चयन के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मौका मिलने के बावजूद आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण सायरा उस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकीं। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों की ओर से छात्रा के मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।



