अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा में रैगिंग की शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वर्ष 2023 बैच के एक एमबीबीएस छात्र ने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर शिकायत दर्ज कराते हुए एक पीजी (स्नातकोत्तर) छात्र पर रैगिंग करने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, छात्र ने आरोप लगाया है कि पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों से जुड़े एक विवाद के दौरान पीजी छात्र ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। छात्र का कहना है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके बाद उसने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित कर जांच शुरू कर दी है। समिति दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी और घटनाक्रम से जुड़े अन्य छात्रों तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संस्थान में रैगिंग के मामलों को लेकर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित छात्र के खिलाफ एंटी रैगिंग नियमों और मेडिकल शिक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा के प्राचार्य डॉ. सी.पी. भैसोड़ा ने कहा कि कॉलेज को रैगिंग की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित छात्र के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से भी अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की घटना सामने आती है तो उसकी जानकारी तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और समिति की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।


