
हल्द्वानी। चार महीने से गर्दन के दर्द से परेशान मीनाक्षी को क्या पता था कि शनिवार को इलाज के लिए घर से निकलना उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। परिजनों के अनुसार, कालाढूंगी रोड स्थित एक हकीम के पास मालिश कराने पहुंची मीनाक्षी की गर्दन हिलाए जाने के बाद अचानक हालत बिगड़ गई। परिवार उसे बेस अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिथौरागढ़ निवासी रामचंद्र वर्तमान में दमुवाढूंगा में रहते हैं और निजी नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी मीनाक्षी की गर्दन में करीब चार-पांच माह से दर्द था। उसका सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार भी चल रहा था। शनिवार को परिचितों की सलाह पर वह पत्नी को कालाढूंगी रोड स्थित हकीम के पास लेकर गए थे।
परिजनों के मुताबिक, हकीम ने पहले मीनाक्षी की गर्दन की मालिश की। इसके बाद उसकी गर्दन को जोर से हिलाया गया। आरोप है कि इसके बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली है और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
मीनाक्षी अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गई हैं। अचानक हुई मौत से परिवार में मातम है। अब परिजनों की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है। वहीं, यह सवाल भी जांच का हिस्सा है कि इलाज के दौरान महिला की हालत क्यों बिगड़ी और उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही।




