नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कार चालक अपनी गाड़ी में E85 एथेनॉल फ्यूल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पहुंचता है। लेकिन जैसे ही वह ईंधन टैंक का ढक्कन खोलता है, उसके सामने ऐसा नजारा आता है जिसे देखकर वह खुद भी हैरान रह जाता है। टंकी के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां जमा दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाओं की बौछार कर दी और सवाल उठने लगे कि आखिर यह ईंधन है या गन्ने का रस?
वीडियो में देखा जा सकता है कि कार की फ्यूल फिलिंग कैप के आसपास सैकड़ों छोटी-छोटी चींटियां मंडरा रही हैं। यह दृश्य देखकर कई लोगों ने मजाक में कहा कि लगता है चींटियों को भी एथेनॉल की मिठास पसंद आ गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एथेनॉल होने की वजह से चींटियां आकर्षित हुईं, ऐसा मान लेना सही नहीं होगा। संभव है कि टंकी के आसपास कोई मीठा पदार्थ, पेय पदार्थ या अन्य जैविक अवशेष मौजूद रहे हों, जिसने उन्हें आकर्षित किया हो।
क्या है E85 एथेनॉल फ्यूल?
E85 एक वैकल्पिक ईंधन है, जिसमें लगभग 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्के और अन्य कृषि फसलों से प्राप्त शर्करा या स्टार्च के किण्वन (फर्मेंटेशन) द्वारा तैयार किया जाता है।
इस प्रक्रिया में पहले फसल से शर्करा निकाली जाती है। इसके बाद सूक्ष्म जीवों की सहायता से उसे अल्कोहल में बदला जाता है। फिर शुद्धिकरण के बाद तैयार एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
एथेनॉल फ्यूल के फायदे
एथेनॉल आधारित ईंधन को पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और देश की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता भी घटती है। यही वजह है कि भारत सरकार एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है।
इसके अलावा एथेनॉल का उत्पादन देश के किसानों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसके लिए गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ती है।
क्या हर गाड़ी में इस्तेमाल हो सकता है?
नहीं। E85 ईंधन केवल विशेष फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) वाहनों में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इन वाहनों के इंजन और ईंधन प्रणाली को इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि वे उच्च एथेनॉल मिश्रण को सुरक्षित रूप से संभाल सकें।
वीडियो पर लोगों की मजेदार प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मजेदार टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा, “लगता है गन्ने के रस की खुशबू दूर तक पहुंच गई।” एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए कहा, “अगर टंकी पूरी भर दी गई तो सुबह तक चींटियां सारा एथेनॉल पी जाएंगी और पेट्रोल ही बच जाएगा।”
हालांकि यह वीडियो मनोरंजन का विषय जरूर बन गया है, लेकिन इससे एथेनॉल ईंधन को लेकर लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार एथेनॉल एक स्वीकृत और सुरक्षित ईंधन है तथा चींटियों की मौजूदगी को सीधे इसके गुणों से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जा सकता।
फिलहाल चींटियों और E85 फ्यूल का यह अनोखा वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे देखकर हैरानी के साथ-साथ खूब मनोरंजन भी कर रहे हैं।

