तीसरी मंजिल से गिरने के बाद छात्रा की हालत गंभीर, चार छात्राओं पर दर्ज हुआ मुकदमा

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देहरादून। राजेश्वर नगर क्षेत्र स्थित एक छात्रावास में हुई एक घटना ने सनसनी फैला दी है। छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही छात्रा डेलिशा भगौर संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गई। गंभीर रूप से घायल छात्रा का उपचार अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद परिजनों ने पूरे मामले में साजिश और हत्या के प्रयास की आशंका जताते हुए पुलिस से निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, डेलिशा भगौर देहरादून के एक शैक्षणिक संस्थान में अध्ययनरत है और राजेश्वर नगर स्थित स्काईलाइन अपार्टमेंट फेज-1 के एक छात्रावास में रह रही थी। बताया जा रहा है कि देर रात करीब साढ़े 12 बजे से एक बजे के बीच उसके नीचे गिरने की सूचना परिजनों को दी गई। हादसे के बाद छात्रा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे न्यूरो आईसीयू में भर्ती किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन देहरादून पहुंचे। छात्रा के पिता राहुल भगौर का कहना है कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम में कई बातें संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद जो जानकारी उन्हें दी गई, वह संतोषजनक नहीं है और कई सवालों के जवाब अब भी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। इसी कारण उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

परिजनों ने पुलिस से छात्रावास और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी विस्तृत जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि कैमरों में कैद तस्वीरें और वीडियो इस घटना की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने घटना के समय छात्रावास में मौजूद सभी छात्राओं और अन्य लोगों के बयान अलग-अलग दर्ज करने की मांग भी की है, ताकि किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव की संभावना को समाप्त किया जा सके।

पिता ने अपनी शिकायत में कुछ छात्राओं का उल्लेख करते हुए आशंका व्यक्त की है कि उनकी बेटी को धक्का देकर नीचे गिराया गया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच टीम छात्रावास के अन्य निवासियों से पूछताछ करने, घटनास्थल का निरीक्षण करने और तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।