एक बंद घर, सन्नाटा और टीवी स्क्रीन पर चमकता एक आखिरी संदेश… आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में सामने आई यह घटना हर किसी को झकझोर देने वाली है। पड़ोसियों को जब लंबे समय तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस पहुंची और दरवाजा खुलते ही भीतर का मंजर देखकर सभी स्तब्ध रह गए।
घर में पति, पत्नी और दो मासूम बच्चों के शव मिले। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि 30 वर्षीय दामू ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली।
जांच के दौरान पुलिस को टीवी स्क्रीन पर छोड़ा गया एक डिजिटल संदेश मिला। उसमें मृतक ने इस घटना के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी थी। साथ ही उसने अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी छोड़ते हुए अनुरोध किया था कि खाते में जमा धनराशि का उपयोग परिवार के अंतिम संस्कार के लिए किया जाए। पुलिस इस संदेश की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, दामू की पत्नी निर्मला लंबे समय से मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। कई अस्पतालों और विशेषज्ञों से इलाज कराने के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। माना जा रहा है कि इसी वजह से परिवार गहरे मानसिक और भावनात्मक संकट से गुजर रहा था।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पत्नी और बच्चों के भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बताती है कि गंभीर बीमारी के साथ-साथ मानसिक तनाव और भावनात्मक संकट के समय समय पर सहायता और सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।


