उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के बीच हुई मारपीट ने एक मासूम की जान ले ली। कक्षा पांच के 12 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने छात्र का शव स्कूल पहुंचाकर हंगामा किया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ को निलंबित कर जांच के आदेश दे दिए।
कौशाम्बी के चरवा थाना क्षेत्र स्थित पहाड़पुर सुधवर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाला 12 वर्षीय विभान राठौर बीते शुक्रवार स्कूल में बच्चों के बीच हुई मारपीट में घायल हो गया था। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना की सूचना उन्हें नहीं दी।
घर लौटने के बाद विभान की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। उसके गले से खाना और पानी तक नहीं उतर रहा था। पूछने पर उसने स्कूल में हुई मारपीट की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई।
बेटे की मौत से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर सीधे स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि यदि स्कूल प्रशासन समय पर घटना की जानकारी देता और जिम्मेदारी निभाता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाने के बाद परिजन शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



