उत्तर प्रदेश के कानपुर से पति-पत्नी के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि वह चाय में संदिग्ध रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसे और उसके माता-पिता को धीरे-धीरे जहर देने की कोशिश कर रही थी। पति का दावा है कि शक गहराने पर उसने घर और रसोई में हिडन कैमरे लगवाए, जिनकी रिकॉर्डिंग में पत्नी कथित रूप से चाय में एक छोटी शीशी से कुछ मिलाती दिखाई दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रावतपुर निवासी हिमांशु पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और पुणे में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी ज्योति गुप्ता सरकारी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। हिमांशु के अनुसार दोनों की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लगने लगा और घर में अक्सर विवाद होने लगे।
हिमांशु का कहना है कि पहले उनके पिता की तबीयत बिगड़ी, फिर मां बीमार हुईं और कुछ समय बाद स्वयं उनकी भी तबीयत खराब रहने लगी। तीनों में बीमारी के लक्षण एक जैसे दिखाई देने पर उनका शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने किसी को बताए बिना घर के अलग-अलग हिस्सों, खासकर रसोई में हिडन कैमरे लगवा दिए।
पति का दावा है कि कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने पर पत्नी चाय तैयार करने के बाद एक छोटी शीशी से उसमें कोई पदार्थ मिलाती दिखाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस बारे में पत्नी से सवाल किया गया तो उसने जवाब देने के बजाय विवाद शुरू कर दिया। हिमांशु का यह भी कहना है कि उनकी मां ने भी एक बार पत्नी को चाय में कुछ मिलाते हुए देखा था।
इसके बाद उन्होंने अपनी, अपने पिता और मां की पैथोलॉजी जांच कराई। हिमांशु का दावा है कि तीनों की रिपोर्ट में समान प्रकार के लक्षण सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की जानकारी पत्नी के भाई को देने पर उससे 70 लाख रुपये लेकर तलाक कराने की बात कही गई और रुपये नहीं देने पर दहेज का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई।
पति ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी अपराध आधारित टीवी कार्यक्रम देखकर उसी तरह की योजना अपनाने की बातें करती थी। हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और फिलहाल ये शिकायतकर्ता के दावे हैं।
पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त से किए जाने के बाद कथित हिडन कैमरे की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंप दी गई है। मामले में एसीपी दिलीप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कथित वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



