उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे का 10 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है। बबीता नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र की रहने वाली हैं और 29 मई को अपने दो साथियों के साथ ट्रेकिंग के लिए दयारा बुग्याल पहुंची थीं।
ट्रेकिंग के दौरान दयारा के पड़ाव ‘गोई’ से बबीता अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इसके बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एसओजी, निम (NIM), वन विभाग और आईटीबीपी की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
बबीता अपने दो साथियों हरमनप्रीत सिंह और हरमन पाल सिंह के साथ ट्रेक पर गई थीं। ट्रेक के दौरान वह समूह से अलग हो गईं और फिर उनका कोई पता नहीं चला। शुरुआती दिनों में दयारा बुग्याल और आसपास के क्षेत्रों में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अब खोज अभियान का दायरा बढ़ाकर बार्सू, रैथल, नटीण, अगोड़ा-डोडीताल मार्ग समेत घने जंगलों, खाइयों, गदेरों और दुर्गम इलाकों तक फैलाया गया है। हेलीकॉप्टर की मदद से भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा चुका है।
स्थानीय ट्रेकर्स भी खोज में शामिल
बबीता की तलाश को तेज करने के लिए गढ़वाल हिमालय ट्रेकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन ने 8 सदस्यीय अनुभवी ट्रेकर्स का विशेष दल भी रवाना किया है। सभी टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अभी तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
10 दिन बीत जाने के बावजूद बबीता का पता न चलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। उनकी मां पहले ही भावुक अपील कर चुकी हैं कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। फिलहाल उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में बबीता पांडे की तलाश जारी है और पूरा मामला रहस्य बना हुआ है।

