महिला शौचालय का सवाल उठाया तो नेहा को मिलने लगी धमकियां, बोलीं- महिलाओं के सम्मान की बात करना अपराध नहीं

Spread the love

अल्मोड़ा। महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा का सवाल उठाना सोमेश्वर की युवती नेहा खर्कवाल के लिए मुश्किल खड़ी करता नजर आ रहा है। महिला शौचालय की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा इंटरनेट मीडिया पर उठाने वाली नेहा ने अब धमकियां मिलने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महिलाओं की बुनियादी सुविधा से जुड़े सवाल को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जबकि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।

मामला उस घटना के बाद सामने आया, जब नेहा अपनी एक सहेली के साथ सोमेश्वर बाजार गई थीं। इसी दौरान सहेली को माहवारी शुरू हो गई और अचानक शौचालय की जरूरत पड़ी। नेहा के मुताबिक, वे पास के एक होटल में शौचालय इस्तेमाल करने की अनुमति मांगने पहुंचीं, लेकिन उन्हें वहां सुविधा नहीं दी गई और सार्वजनिक शौचालय जाने को कहा गया।

नेहा के अनुसार सार्वजनिक शौचालय करीब 300 मीटर दूर था। वहां पहुंचने पर जो स्थिति सामने आई, उसने उन्हें हैरान कर दिया। उनका आरोप है कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो साझा कर सवाल उठाया कि जब महिलाओं को बाजार में अचानक ऐसी जरूरत पड़े तो वे आखिर जाएं कहां?

नेहा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि को निशाना बनाना नहीं था। वह केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित और इस्तेमाल योग्य सार्वजनिक शौचालय की मांग कर रही थीं। उनका कहना है कि माहवारी महिलाओं की सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और इसके कारण किसी महिला को सार्वजनिक स्थान पर असहज या अपमानजनक स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए।

मामला चर्चा में आने के बाद क्षेत्र में महिला शौचालय की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल की जानकारी भी सामने आई। नेहा ने इसके लिए सरकार का आभार जताया। लेकिन अब उनका आरोप है कि इसी मुद्दे को लेकर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और उनके सवाल को राजनीतिक रंग देकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘डरने वाली नहीं हूं’

नेहा ने कहा कि आज शौचालय की साफ-सफाई और व्यवस्था बेहतर दिखाई जा रही है, लेकिन क्षेत्र की महिलाएं जानती हैं कि वहां नियमित रूप से कितनी सुविधा मिलती है। उनका कहना है कि यदि महिलाओं की समस्या उठाने पर धमकी दी जाएगी तो भी वह पीछे नहीं हटेंगी। जरूरत पड़ने पर धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र विधायक और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या का क्षेत्र है। ऐसे में यहां महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा का सवाल राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर तब, जब महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर लगातार जागरूकता की बात की जाती है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एक युवती द्वारा महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय की मांग उठाना इतना बड़ा मुद्दा है कि उसे धमकियों का सामना करना पड़े? और यदि धमकियों की शिकायत सामने आती है तो पुलिस और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करते हैं?