पांच साल पुरानी नजदीकी, एक कप चाय और मौत… पीलीभीत में पत्नी और कथित प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप

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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से सामने आया एक मामला रिश्तों के भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के गांव अहिरवाड़ा निवासी समाकांत मिश्रा की मौत कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी। पुलिस का दावा है कि समाकांत की पत्नी रेनू मिश्रा और उसके कथित प्रेमी शिवम शुक्ला ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया।

समाकांत मिश्रा बीसलपुर के जनता नगर कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, 18 जुलाई को वह बरेली से मजदूरी कर घर लौटा। आरोप है कि घर पहुंचने पर उसने पत्नी रेनू को कथित प्रेमी शिवम शुक्ला के साथ देख लिया। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और समाकांत ने दोनों के रिश्ते का विरोध किया।

जांच में पुलिस के सामने यह भी आया कि शिवम शुक्ला, जो शाहजहांपुर जिले के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के रेशर कोठी का रहने वाला है, पिछले करीब पांच वर्षों से समाकांत के घर आता-जाता था। इसी दौरान रेनू और शिवम के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए। पुलिस का दावा है कि समाकांत लगातार इसका विरोध कर रहा था, जिससे दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद शिवम जहरीला पदार्थ लेकर आया और रेनू ने उसे चाय में मिलाकर समाकांत को पिला दिया। चाय पीने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले उसे बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शुरुआती पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा सुरक्षित रखा गया। इसके बाद मृतक के भाई ब्रजगोपाल मिश्रा ने पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने परिजनों के बयान, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद बीसलपुर क्षेत्र की स्मार्ट सिटी पुलिया के पास से रेनू मिश्रा और शिवम शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में रेनू ने पति को चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, यह पुलिस का दावा है और मामले का अंतिम निर्णय अदालत करेगी।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि रेनू मिश्रा की डेढ़ साल की बेटी भी मां के साथ जेल चली गई, जबकि समाकांत की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

यह घटना बताती है कि जब रिश्तों में विश्वास टूटता है और विवाद अपराध का रूप ले लेते हैं, तो उसका अंत बेहद दुखद हो सकता है। हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर सभी महिलाओं या सभी पुरुषों के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। हर मामला अपने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अलग होता है, और अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।