रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने जिले में सक्रिय डिजिटल नेटवर्क और खुफिया निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित लंबे समय से इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं के संपर्क में था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने विभिन्न ऑनलाइन समूह बनाकर युवाओं के बीच अपनी पहुंच बनाई और उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया।
एसटीएफ अब आरोपित के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन समूहों से जुड़े मोबाइल नंबरों, चैट रिकॉर्ड और संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और उनकी भूमिका क्या थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में कई ऐसे डिजिटल लिंक मिले हैं जिनकी तकनीकी जांच जारी है। एजेंसियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
ऊधमसिंह नगर को लंबे समय से संवेदनशील जनपद माना जाता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों और मतांतरण से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। ऐसे में अब युवाओं को इंटरनेट के माध्यम से प्रभावित करने के आरोप सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि यदि ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं तक पहुंच बनाई जा रही थी तो इसकी जानकारी समय रहते संबंधित एजेंसियों तक क्यों नहीं पहुंची। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय खुफिया इकाइयों की निगरानी क्षमता और सूचना संग्रह तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
नेटवर्क की पूरी कड़ी तलाशने में जुटी एसटीएफ
जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपित अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की पहचान करने में जुटी हैं।

