पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया में कुल 1980 आवेदकों में से 480 यात्रियों का चयन किया गया है। चयनित श्रद्धालु इस वर्ष 10 बैचों में पवित्र यात्रा पर रवाना होंगे, जबकि 1500 आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
दिल्ली में आयोजित चयन प्रक्रिया के दौरान यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विदेश मंत्री S. Jaishankar की मौजूदगी में ड्रॉ के माध्यम से यात्रियों का चयन किया गया। चयनित होने वाले श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल रहा, जबकि चयन से वंचित रहे आवेदकों के चेहरों पर निराशा दिखाई दी।
कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के दिल्ली कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी चयनित यात्री 30 जून को दिल्ली में एकत्र होंगे। यात्रा का पहला दल 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा। इसके बाद 5 जुलाई को दल धारचूला पहुंचेगा और 6 जुलाई को गुंजी के लिए प्रस्थान करेगा। 7 जुलाई को गुंजी में विश्राम के बाद यात्री 8 जुलाई को नाभीढांग के लिए रवाना होंगे।
यात्रा को सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सीमांत क्षेत्रों में आवास, स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। हर वर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण चयन प्रक्रिया ड्रॉ के माध्यम से की जाती है।

