कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग नगर में मंगलवार सुबह हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी बात को लेकर हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। कुछ घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि एक होटल व्यवसायी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेमकुंड साहिब से लौट रहे श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग बाजार क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। घटना के दौरान धारदार हथियारों के इस्तेमाल की भी सूचना सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई स्थानों पर जाम लगा दिया। चौकी परिसर और पंचपुलिया क्षेत्र में भी लोगों ने प्रदर्शन किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे तक चले जाम के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर गौचर क्षेत्र में यात्रा संचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हेमकुंड साहिब यात्रा हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। यात्रा मार्ग पर स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों, घोड़ा-खच्चर व्यवसायियों और यात्रियों के बीच कभी-कभी छोटी-मोटी कहासुनी की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस प्रकार की हिंसक झड़पें बेहद चिंताजनक मानी जाती हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखना और यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करना है।

