पिथौरागढ़। उत्तराखंड की प्रसिद्ध आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा शुरू होने के पहले 33 दिनों के भीतर ही 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिससे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिला है।
जानकारी के अनुसार, एक मई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 30 हजार से ज्यादा यात्रियों को अनुमति जारी की जा चुकी है। पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि यात्रा सत्र समाप्त होने तक यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक हो सकता है।
वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलास दौरे के बाद इस धार्मिक एवं पर्यटन स्थल को देशभर में नई पहचान मिली। इसके बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में लगभग 29 हजार और 2025 में 36 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए थे।
यात्रा का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। टैक्सी संचालन, होमस्टे, होटल और भोजनालयों से जुड़े सैकड़ों परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। स्थानीय व्यवसायों में बढ़ी गतिविधियों से सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
यात्रियों से लिए जाने वाले इनर लाइन परमिट और स्वास्थ्य जांच शुल्क के माध्यम से सरकार को भी उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 1.8 करोड़ रुपये की आय दर्ज की जा चुकी है।
मानसून के दौरान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। इसके बाद सितंबर मध्य से यात्रा पुनः शुरू होकर अक्टूबर के अंत तक संचालित होने की संभावना है।

