बंगाल में 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान, EVM से छेड़छाड़ के आरोपों ने बढ़ाया सियासी ताप

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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (री-पोलिंग) कराई जा रही है। यह फैसला चुनाव आयोग ने उस समय लिया जब इन बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए।

जानकारी के अनुसार, संबंधित मतदान केंद्रों पर विपक्षी दलों और स्थानीय मतदाताओं ने शिकायत की थी कि मतदान के दौरान EVM मशीनें सही तरीके से काम नहीं कर रही थीं। कुछ स्थानों पर आरोप यह भी लगा कि मशीनों में पहले से ही डेटा फीड किया गया था, जिससे मतदान की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दोबारा मतदान का निर्णय लिया।

री-पोलिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि इस बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्षी दल जहां सत्ताधारी पार्टी पर चुनावी धांधली का आरोप लगा रहे हैं, वहीं सत्ताधारी दल इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं, इसलिए समय रहते उठाए गए कदम लोकतंत्र के लिए जरूरी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दोबारा मतदान के बाद स्थिति कितनी स्पष्ट और विवाद-मुक्त हो पाती है।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के मतदान करें और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।