
अल्मोड़ा में पांच वर्षीय बच्ची से लैंगिक अपराध के मामले में अल्मोड़ा की विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपित देव सिंह को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को चार लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सितंबर 2024 में बच्ची के पिता ने रानीखेत तहसील क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक के समक्ष शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपित ने बच्ची को बहाने से अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ लैंगिक अपराध करने का प्रयास किया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पोक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना के समय बच्ची के पहने हुए कपड़े सहित आरोपित के कमरे से चादर को साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया।
बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण रानीखेत के राजकीय चिकित्सालय में कराया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में आठ गवाह पेश किए और दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
विशेष लोक अभियोजक पोक्सो घनश्याम जोशी और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद देव सिंह को दोषी माना और 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपित द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। अर्थदंड से प्राप्त राशि में से चार लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।




