पिथौरागढ़ में मासूम से दरिंदगी: अपहरण के 8 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्ची को बचाया, पेरोल पर आया आदतन अपराधी गिरफ्तार

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पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी अनहोनी को समय रहते संभाल लिया गया। नगर क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई पांच वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दरिंदगी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पोक्सो एक्ट सहित अन्य कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़ा गया आरोपी एक आदतन अपराधी है, जो पहले भी ऐसे ही घिनौने कृत्य में सजा काट चुका है।

दोपहर में अचानक गायब हुई थी मासूम

घटना की शुरुआत बीते 23 जून को हुई, जब मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र के एक निवासी ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी पांच साल की मासूम बेटी अचानक गायब हो गई है। दिनदहाड़े आबादी वाले इलाके से बच्ची के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत संज्ञान लिया और बच्ची की तलाश के लिए बिना वक्त गंवाए चार विशेष टीमों का गठन कर अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

लापता बच्ची का सुराग लगाने के लिए पुलिस टीमों ने नगर क्षेत्र और उसके आसपास के रास्तों पर लगे लगभग 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। गहन जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति मासूम बच्ची का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। इस अहम सुराग के मिलते ही पुलिस ने उस संदिग्ध की तलाश में अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

शाम होते-होते पुलिस की कड़ी मशक्कत रंग लाई और रात करीब 8 से 9 बजे के बीच (अपहरण के महज 7 से 8 घंटे के भीतर) पुलिस टीम ने बच्ची को टनकपुर तिराहे के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और प्राथमिक उपचार व सांत्वना देने के बाद उसे सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया। साथ ही, पीड़ित परिवार और बच्ची की सुरक्षा के लिए एक विशेष पुलिस टीम भी तैनात कर दी गई।

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मेडिकल जांच में हुआ खौफनाक खुलासा

शुरुआत में यह मामला केवल लापता होने या अपहरण का लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने नियमानुसार बच्ची का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग करवाई, तो पूरी कहानी बदल गई। मेडिकल रिपोर्ट में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई। इस खौफनाक खुलासे के बाद पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं और पोक्सो एक्ट की वृद्धि की।

पेरोल पर बाहर आया आदतन अपराधी 

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाल ललित मोहन जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। इसी बीच गुरुवार की आधी रात को करीब 12:15 बजे पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी भागने की फिराक में है। पुलिस ने बिना देर किए पुनेड़ी महर रोड के पास घेराबंदी की और आरोपी होशियार सिंह (निवासी: रई धनोड़ा) को दबोच लिया।

पुलिस की पूछताछ और जांच में आरोपी के बारे में एक और चौंकाने वाला सच सामने आया। आरोपी होशियार सिंह एक आदतन अपराधी है। वह इससे पहले भी एक बालक के साथ कुकर्म करने के संगीन आरोप में हरिद्वार जेल में लंबी सजा काट चुका है और हाल ही में पेरोल पर जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने इस दूसरी घिनौनी वारदात को अंजाम दे डाला।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है और नगर में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा है कि इस संवेदनशील मामले की पूरी निष्पक्षता और तत्परता से जांच की जा रही है। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने और पीड़िता को न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अदालत में बेहद प्रभावी पैरवी करेगी ताकि ऐसे अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे।