उत्तराखंड रोडवेज को मिलेगी नई रफ्तार, पहाड़ों पर दौड़ेंगी 50 मिनी बसें, केंद्र से मिलेंगी 140 इलेक्ट्रिक बसें

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने और परिवहन निगम को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 50 नई मिनी बसें संचालित करने, केंद्र सरकार से मिलने वाली 140 इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी तेज करने और बस स्टेशनों के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि राज्य के दुर्गम और छोटे मार्गों पर नई मिनी बसों के संचालन से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। वहीं, केंद्र सरकार से मिलने वाली 140 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क भी तेजी से विकसित किया जाएगा।

रामनगर और टनकपुर बस स्टेशन होंगे तैयार

परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को रामनगर और टनकपुर में निर्माणाधीन बस स्टेशनों का शेष कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक बस स्टेशन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएंगे।

चारधाम यात्रा से बढ़ी निगम की आय

बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम ने अब तक लगभग आठ करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर किराया कम होने के बाद निगम की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है, जिससे आय में भी सुधार देखने को मिला है।

टिकट व्यवस्था होगी और आसान

सरकार ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकट बुकिंग प्रणाली को और सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। अब ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टिकट उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों के लोग भी आसानी से टिकट प्राप्त कर सकें।

हर जिले में सिटी बस सेवा की तैयारी

समीक्षा बैठक में प्रत्येक जिले में सिटी बस सेवा शुरू करने की कार्ययोजना, बसों की मरम्मत, पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, कर्मचारियों की भर्ती, बस स्टेशनों पर सुविधाओं के विस्तार, यात्री शिकायतों के त्वरित निस्तारण और परिवहन विभाग के तकनीकी आधुनिकीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड परिवहन निगम को घाटे से बाहर निकालकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।