हल्द्वानी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कूटनीतिक गतिरोध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाए हैं। रविवार को दिए गए बयान में ट्रंप ने एक तरफ ईरान को कड़ी चेतावनी दी, तो दूसरी ओर बातचीत का रास्ता भी खुला रखा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फायरिंग कर संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया है। उनके अनुसार, यह गोलीबारी एक फ्रांसीसी और एक ब्रिटिश जहाज को निशाना बनाकर की गई, जो हालात को और गंभीर बनाता है।
बातचीत के लिए पाकिस्तान में नई कोशिश
तनाव के बीच ट्रंप ने संकेत दिया कि कूटनीति अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जहां दूसरे दौर की वार्ता होगी। ट्रंप ने इसे “उचित और तर्कसंगत समझौता” बताते हुए उम्मीद जताई कि ईरान इसे स्वीकार करेगा।
ब्लॉकेड और आर्थिक दबाव का दावा
ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी पहले ही इसे प्रभावी रूप से बंद कर चुकी है। उनके मुताबिक, इस स्थिति से ईरान को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि अमेरिका को कोई खास असर नहीं पड़ा है।
‘नो मोर मिस्टर नाइस गाय’ की चेतावनी
अपने सख्त लहजे में ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अब “नो मोर मिस्टर नाइस गाय” का समय आ गया है और अमेरिका ईरान की “किलिंग मशीन” को खत्म करने के लिए तैयार है।
अस्थिर संघर्षविराम और बढ़ता तनाव
अमेरिका-ईरान के बीच यह टकराव 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद शुरू हुआ था। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम पहले ही कमजोर पड़ चुका है। ईरान ने अमेरिका पर “विश्वासघात” का आरोप लगाते हुए फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि हालात और बिगड़ेंगे या कूटनीति कोई रास्ता निकाल पाएगी।

