बीमारी का बहाना, वर्दी का सपना… फिर चुना करोड़ों की स्मैक का रास्ता; अग्निवीर प्रशिक्षु समेत दो गिरफ्तार

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चंपावत। देश सेवा का सपना लेकर अग्निवीर बना युवक कुछ ही समय बाद ऐसे रास्ते पर निकल पड़ा, जिसने उसका भविष्य ही नहीं, वर्दी का सपना भी दांव पर लगा दिया। प्रशिक्षण के दौरान बीमारी का बहाना बनाकर घर आया अग्निवीर प्रशिक्षु अपने दोस्त के साथ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की स्मैक की तस्करी में उतर गया। लेकिन नेपाल सीमा तक पहुंचने से पहले ही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों को दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपितों के कब्जे से 306 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह खेप भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक तस्कर तक पहुंचाई जानी थी।

मंगलवार को टनकपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली। जांच में बाइक सवार सुनील सिंह और गुरदीप सिंह, दोनों निवासी थाना हजारा, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश), के पास से भारी मात्रा में स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि स्मैक उन्होंने पीलीभीत निवासी मनु सिंह से खरीदी थी और नेपाल सीमा क्षेत्र में सप्लाई करने जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब सुनील ने बताया कि वह अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर प्रशिक्षण ले रहा है। कुछ दिन पहले वह बीमारी का बहाना बनाकर घर आया था, लेकिन छुट्टी का इस्तेमाल प्रशिक्षण में लौटने के बजाय कथित तौर पर नशे की तस्करी के लिए करने लगा।

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पीलीभीत पुलिस से संपर्क कर आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में नशा तस्करी के बड़े गिरोह से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।