तप रहा उत्तर भारत: 47 डिग्री तक पहुंचा पारा, 22 जून के आसपास मॉनसून से मिल सकती है राहत

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चंडीगढ़। उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है। कई जिलों में पारा 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट भी घोषित किया गया है।

पंजाब के बठिंडा और फरीदकोट तथा हरियाणा के हिसार और रोहतक जैसे शहर सबसे अधिक गर्मी झेल रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। किसान, मजदूर और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि पंजाब से सटे हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसका असर मैदानी इलाकों में सीमित रहेगा।

22 जून के आसपास उत्तर भारत पहुंचेगा मॉनसून

गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस वर्ष सामान्य से पहले आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून 23-24 मई तक अंडमान तट पर दस्तक दे सकता है, जबकि 26 मई के आसपास इसके केरल पहुंचने की संभावना है। यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो उत्तर भारत में मॉनसून 22 जून के आसपास पहुंच सकता है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के तीसरे सप्ताह में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लू से राहत मिलेगी।

बिजली की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

भीषण गर्मी का असर बिजली खपत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पंजाब में बिजली की मांग 14,335 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। राज्य को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली बाहरी स्रोतों से खरीदनी पड़ रही है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने तथा हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल उत्तर भारत भीषण गर्मी की मार झेल रहा है, लेकिन लोगों की निगाहें अब मॉनसून की प्रगति पर टिकी हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा तो 22 जून के आसपास बारिश की फुहारें तपती धरती को राहत पहुंचा सकती हैं।