उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी जितेंद्र पटेल उर्फ भोला (24) को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस टीम का एक सिपाही भी घायल हो गया। मामले में फरार दो अन्य आरोपियों विवेक कुमार और प्रवीण पटेल पर पुलिस ने ₹50-50 हजार का इनाम घोषित किया है।
घटना 22 जुलाई की दोपहर की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, युवती अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ चित्रकूट के देवांगना एयरपोर्ट के पास जंगल क्षेत्र में गई थी। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर दोनों को धमकाने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर बदमाशों ने किशोर के साथ मारपीट कर उसके हाथ-पैर बांध दिए और युवती को जबरन झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण और डीआईजी राजेश एस के निर्देशन में चित्रकूट पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हो गया।
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र पटेल उर्फ भोला के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के सिपाही राघवेंद्र राजपूत भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र पटेल चित्रकूट के शिवरामपुर थाना क्षेत्र के कल्ला गांव का निवासी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं, वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी विवेक कुमार और प्रवीण पटेल अभी भी फरार हैं। डीआईजी राजेश एस ने दोनों आरोपियों पर ₹50-50 हजार का इनाम घोषित किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए चित्रकूट, बांदा और प्रयागराज पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि मामले में साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जा सके।



