हांसी (हरियाणा)। हरियाणा के हांसी में गुरुवार सुबह हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। जिम संचालक कपिल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि मौके पर मौजूद शिखा नाम की युवती भी फायरिंग में घायल हो गई। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक बाइक सवार बदमाशों ने महज 5 सेकंड के भीतर करीब 10 गोलियां दागीं और मौके से फरार हो गए। वारदात के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ऑडियो में हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है।
सुबह की एक्सरसाइज के बीच बरसीं गोलियां
फव्वारा चौक के पास रोजाना की तरह फिटनेस गतिविधियां चल रही थीं। कपिल युवाओं को ट्रेनिंग दे रहा था और आसपास कई युवक-युवतियां मौजूद थीं। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। बाइक रुकते ही पीछे बैठे हमलावर ने बिना कोई मौका दिए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरा घटनाक्रम कुछ सेकंड में खत्म हो गया। गोलियां लगते ही कपिल जमीन पर गिर पड़ा।
5 सेकंड, 10 गोलियां और मौत…
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में दिखाई देता है कि हमलावर सीधे कपिल तक पहुंचते हैं, गोलियां चलाते हैं और तुरंत बाइक पर बैठकर फरार हो जाते हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हमलावरों ने पहले से रेकी की हो सकती है। जिस तरह उन्होंने सीधे निशाने तक पहुंचकर हमला किया, उससे पूर्व नियोजित साजिश की आशंका मजबूत हो रही है।
‘राम-राम भाइयों…’ ऑडियो ने बढ़ाया रहस्य

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हत्याकांड के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ। रिकॉर्डिंग की शुरुआत “राम-राम सभी भाइयों को…” से होती है। ऑडियो में खुद को हरि बॉक्सर बताने वाला व्यक्ति हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करता है।
रिकॉर्डिंग में कुछ अन्य नामों का भी जिक्र किया गया है और हत्या के पीछे कथित पुरानी रंजिश की बात कही गई है। हालांकि पुलिस ने अब तक ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की है।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर भारत के कई चर्चित मामलों में सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदारी लेने के दावे सामने आते रहे हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल ऑडियो और हत्याकांड के बीच वास्तव में कोई संबंध है या नहीं। जांच पूरी होने तक किसी भी दावे को आधिकारिक रूप से सही नहीं माना जा रहा है।
गैंगवार, पुरानी रंजिश या कोई अन्य कारण
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए, साइबर सेल, फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है।

