उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी में सामने आया सुरेंद्र शर्मा हत्याकांड जितना सनसनीखेज है, उतना ही हैरान करने वाला भी। पुलिस जांच के मुताबिक, 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा की हत्या के बाद उनका शव घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी पत्नी रूबी शर्मा करीब 44 दिनों तक उसी बाथरूम में रोज नहाती रही, जहां जमीन के नीचे उसके पति का शव दबा हुआ था। परिवार, पड़ोसी और रिश्तेदार घर आते-जाते रहे, लेकिन किसी को भी इस खौफनाक राज की भनक तक नहीं लगी।
पुलिस के अनुसार, यह कोई गुस्से में किया गया अचानक अपराध नहीं था, बल्कि शुरुआती जांच में पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश जैसी दिखाई दे रही है। जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले रूबी ने अपने घर में ऐसा माहौल बनाया कि घटना के समय कोई भी प्रत्यक्ष गवाह मौजूद न रहे। उसने अपनी दोनों बेटियों और सास को जेठ अनिल शर्मा के घर भेज दिया था। इसके बाद घर में केवल वह और उसका पति सुरेंद्र मौजूद थे।
पहले नशे की गोलियां, फिर मौत
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, 17 मई की रात रूबी ने पहले अपने पति को नशे या नींद की गोलियां दीं। जब सुरेंद्र पूरी तरह बेसुध हो गया और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहा, तब उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि हत्या का सटीक तरीका क्या था और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट से इसकी पुष्टि की जाएगी। फिलहाल आरोपी के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। जांच के अनुसार, उसने पूरी रात बाथरूम के अंदर करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदा। इसके बाद पति के शव को उसमें दफना दिया। फिर गड्ढे को मिट्टी से भरकर ऊपर से सीमेंट, प्लास्टर और फर्श की मरम्मत कराई, ताकि किसी को यह अंदाजा भी न हो सके कि नीचे किसी का शव दफन है।
44 दिन तक उसी बाथरूम में नहाती रही
हत्या के बाद रूबी का व्यवहार बिल्कुल सामान्य बना रहा। पुलिस के मुताबिक, वह रोज उसी बाथरूम में नहाती थी, जहां उसके पति का शव दफन था। इतना ही नहीं, वह घर के सभी काम करती रही, लोगों से मिलती-जुलती रही और किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ। यही वजह है कि यह राज करीब डेढ़ महीने तक छिपा रहा।
मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र के गायब होने के बाद रूबी अक्सर रोती-बिलखती नजर आती थी। वह लोगों से कहती थी कि उसका पति कहीं चला गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पड़ोसियों को लगा कि वह वास्तव में परेशान है। इसी अभिनय के कारण किसी ने भी उसके ऊपर शक नहीं किया।
पेंशन के पैसों ने खोल दिया पूरा राज
करीब 44 से 46 दिन बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश एक छोटी-सी बात से हुआ। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र की मां की पेंशन और अन्य पैसों का लेन-देन रूबी के पास रहता था। जब मृतक के बड़े भाई अनिल शर्मा को इस बार पेंशन नहीं मिली तो उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली। वहां पता चला कि पेंशन खाते में आ चुकी है और रकम पहले से अधिक है।
इसी बात को लेकर परिवार में विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, बहस के दौरान रूबी की कथित तौर पर जुबान फिसल गई और उसने ऐसी बातें कह दीं, जिससे परिजनों को शक हो गया। बाद में पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि सुरेंद्र का शव घर के बाथरूम में दफन है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का फर्श तुड़वाकर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से मानव कंकाल बरामद हुआ। कंकाल के हाथ में पहने कड़े और गले में मौजूद रुद्राक्ष की माला से परिजनों ने उसकी पहचान सुरेंद्र शर्मा के रूप में की। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
हत्या की वजह क्या थी?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र शर्मा शराब पीने का आदी था। वह कोई नियमित काम नहीं करता था। परिवार का खर्च उसकी मां की पेंशन और पत्नी की सिलाई से होने वाली कमाई से चलता था। पुलिस के मुताबिक, शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। लगातार घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और आपसी तनाव इस हत्या की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
‘दृश्यम’ और क्राइम शो से मिला आइडिया?
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि शव को घर में छिपाने का तरीका उसे फिल्म ‘दृश्यम’ से सूझा था, जबकि अपराध की योजना बनाने में उसने टीवी पर आने वाले क्राइम आधारित कार्यक्रमों से भी प्रेरणा ली। पुलिस इस दावे की सच्चाई की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने और शव को दफनाने में कहीं किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी मदद तो नहीं की।
जांच एजेंसियां घर में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और गूगल सर्च हिस्ट्री भी खंगाल रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले या बाद में इंटरनेट पर क्या-क्या सर्च किया गया था। परिवार के अन्य सदस्यों और बच्चियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरी साजिश की हर कड़ी सामने आ सके।


