हेमकुंड यात्रा में दिखी भाईचारे की मिसाल, पंजाब से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा- उत्तराखंड में मिला सम्मान, अफवाहों पर न करें विश्वास

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चमोली। श्री हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा के दौरान पंजाब से पैदल पहुंचे सिख श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की जनता के सहयोग और आत्मीयता की खुलकर सराहना की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह के भय और तनाव का माहौल दिखाने की कोशिश की जा रही है, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल अलग है। देवभूमि में उन्हें हर स्थान पर सम्मान, सुरक्षा और अपनापन मिला।

विश्व शांति, आपसी सौहार्द और मानव कल्याण का संदेश लेकर पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से निकला लगभग 90 श्रद्धालुओं का जत्था इन दिनों हेमकुंड साहिब की ओर पैदल यात्रा कर रहा है। इस दल में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। श्रद्धालु प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि कर्णप्रयाग और नगरासू में उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था हुई, जहां स्थानीय लोगों ने भोजन, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं में पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने अतिथि देवो भवः की परंपरा को जीवंत करते हुए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

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श्रद्धालुओं का कहना है कि हाल के दिनों में इंटरनेट मीडिया पर यात्रा को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें प्रसारित की गईं, जिससे संगत के बीच अनावश्यक चिंता पैदा हुई। लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें कहीं भी ऐसा माहौल देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है।

जत्थे के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड और पंजाब के लोगों के बीच वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। यात्रा के दौरान भी उन्हें हर स्थान पर भाईचारे की भावना देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के सहयोग से यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है।

श्रद्धालुओं ने देशभर की संगत से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। यदि यात्रा से जुड़ी कोई जानकारी लेनी हो तो केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु निश्चिंत होकर हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम की यात्रा पर आएं।

गौरतलब है कि हाल ही में कर्णप्रयाग क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में जारी है और उन्हें पूरे मार्ग में सम्मान एवं सहयोग मिल रहा है।