कोटद्वार। उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत शनिवार रात एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। दोनों एक कार्यक्रम में शामिल होकर अपने विधानसभा क्षेत्र से देहरादून लौट रहे थे, तभी कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी कार अचानक हादसे का शिकार हो गई।
जानकारी के अनुसार रात करीब साढ़े आठ बजे पहाड़ी क्षेत्र से एक बड़ा बोल्डर लुढ़कते हुए सीधे मंत्री के वाहन के बोनट पर आ गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि चालक ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों और काफिले में मौजूद अन्य लोगों ने सतपाल महाराज और अमृता रावत को सुरक्षित वाहन से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को दूसरे वाहन से देहरादून रवाना किया गया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में शाम के समय हुई तेज बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर मौजूद चट्टानें और बोल्डर ढीले हो गए थे। इसी वजह से यह बोल्डर सड़क पर आकर मंत्री के वाहन से टकरा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में पहाड़ी से पत्थर और बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। पूर्व में भी इस मार्ग पर बोल्डर गिरने से कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान हो चुका है।
इस घटना के बाद एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

