बुलंदशहर। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर प्रेस वार्ता के दौरान जूता फेंकने के आरोप में चर्चा में आए बुलंदशहर के दो युवकों के अपने गांव लौटने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं से स्वागत के साथ खुली जीप में दोनों को लेकर रोड शो निकाला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़े बजते रहे और समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
मामला दो अगस्त का बताया जा रहा है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सांसद पप्पू यादव की ओर जूता फेंके जाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में बुलंदशहर के सुमित गिरि और हैप्पी शर्मा के नाम सामने आए। घटना के बाद दोनों युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें थाने से जमानत मिलने की बात सामने आई।
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दोनों युवक बुलंदशहर पहुंचे। यहां उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद खुली जीप में उन्हें बैठाकर रोड शो निकाला गया। बुलंदशहर से नैधला हसनपुर गांव तक निकले इस जुलूस में ढोल-नगाड़े बजाए गए और समर्थकों ने नारे लगाए। नैधला हसनपुर गांव पहुंचने पर भी दोनों का स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मामले को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सुमित गिरि सहपानी गांव और हैप्पी शर्मा नेथला गांव के रहने वाले हैं। दोनों के भाजपा से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। यही वजह है कि सांसद पर कथित तौर पर जूता फेंकने की घटना के बाद आरोपित युवकों का इस तरह सार्वजनिक स्वागत राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
मामले में पुलिस ने रोड शो की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के अनुसार पुलिस को रोड शो की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि बिना अनुमति रोड शो निकाला गया है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिस घटना ने दिल्ली में राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया था, उसी से जुड़े युवकों के बुलंदशहर लौटने पर हुआ यह स्वागत अब नई चर्चा का कारण बन गया है। एक तरफ सांसद पर कथित तौर पर जूता फेंकने की घटना सवालों में रही, वहीं दूसरी ओर आरोपित युवकों का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किए जाने से राजनीतिक संदेश को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।फिलहाल पुलिस की ओर से बिना अनुमति रोड शो के संबंध में कार्रवाई की बात कही गई है।



