होश उड़ा देने वाली दास्तान: जब शराब के नशे में ‘ममता’ और ‘फर्ज’ दोनों छूटे पीछे!

Spread the love

यह कहानी महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भिसी क्षेत्र की है, जहां बुधवार की रात एक ऐसा वाकया हुआ जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। फूलचंद राउत और उनकी पत्नी मीरा राउत अपनी ढाई साल की बेटी और महज चार महीने के दुधमुंहे बच्चे के साथ मोटरसाइकिल (स्प्लेंडर) पर सवार होकर निकले थे। वे नागपुर के पास नांदा से चिमूर में अपने किसी रिश्तेदार के घर जा रहे थे। सफर लंबा था, लेकिन माता-पिता की सूझबूझ पर शराब का नशा पूरी तरह हावी हो चुका था। दोनों इस कदर नशे में धुत थे कि उन्हें आगे आने वाले खतरे का जरा भी अंदाजा नहीं था।

गोद से फिसली जिंदगी, 400 मीटर तक बेखबर रहे माता-पिता

सफर के दौरान चार महीने का मासूम बच्चा अपनी मां की गोद में था। भिसी बायपास पर मौली ढाबे के पास, सड़क के झटकों और मां के हाथों की ढीली पड़ती पकड़ के कारण बच्चा अचानक चलती बाइक से नीचे सड़क पर गिर गया।

हैरत की बात है कि शराब के अत्यधिक नशे के कारण मां-बाप को यह महसूस ही नहीं हुआ कि उनकी गोद सूनी हो चुकी है। बाइक की रफ्तार थमी नहीं, और वे करीब 400 मीटर आगे निकल गए।

कुछ ही दूरी पर जाकर, खराब सड़क और संतुलन खोने की वजह से उनकी मोटरसाइकिल भी फिसल गई। पति, पत्नी और उनकी ढाई साल की बच्ची सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। लेकिन इस हादसे के बाद भी उन्हें यह याद नहीं आया कि उनका चार महीने का बेटा कहीं पीछे छूट गया है।

इस घोर लापरवाही के बीच, उस राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे कुछ राहगीर मासूम के लिए देवदूत साबित हुए। रात के अंधेरे में सड़क पर अकेले तड़पते बच्चे को देखकर राहगीरों ने तुरंत उसे सुरक्षित स्थान पर उठाया। उन्होंने बिना समय गंवाए भिसी पुलिस को इसकी सूचना दी और यह भी बताया कि कुछ दूरी पर एक परिवार भी घायल अवस्था में पड़ा है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मंगेश भोंगडे और पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र वाघ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले तड़पते हुए मासूम को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने फौरन इलाज शुरू किया, जिससे बच्चे की जान सही समय पर बच गई। इसके बाद पुलिस ने आगे जाकर घायल माता-पिता और उनकी बच्ची को भी रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में जब दोनों का नशा थोड़ा उतरा और पुलिस ने तफ्तीश की, तब जाकर कड़ियां जुड़ीं। पता चला कि सड़क पर मिला वह चार महीने का बच्चा इसी दंपत्ति का था। पुलिस के अनुसार, इस दंपत्ति के कुल आठ बच्चे हैं।

थाना प्रभारी मंगेश भोंगडे ने बताया कि यदि राहगीर सही समय पर सक्रियता नहीं दिखाते, तो पीछे से आ रहे किसी भी भारी वाहन की चपेट में आने से मासूम के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं और वे सुरक्षित हैं। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने और ड्रंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाना) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।