पानी के विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष, युवक की हत्या के बाद दो समुदायों के बीच बढ़ा तनाव, आरोपियों के घरों पर हमला, फिर चला बुलडोजर

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देहरादून। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई को लेकर शुरू हुआ विवाद एक युवक की हत्या के बाद बड़े तनाव में बदल गया। शनिवार को हुए खूनी संघर्ष में विनोद नामक युवक की जान चली गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। रविवार को हालात तब और बिगड़ गए जब गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घरों पर हमला बोल दिया। कई जगह पथराव हुआ, आगजनी की घटनाएं सामने आईं और वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। बाद में प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई कर माहौल को और चर्चा का विषय बना दिया।

जानकारी के अनुसार खेतों में पानी लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के कई लोगों ने मिलकर विनोद पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और मृतक के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर डटे रहे।

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रविवार सुबह युवक की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग के बीच भीड़ आरोपियों के घरों तक पहुंच गई। इस दौरान एक घर में आग लगा दी गई, कई स्थानों पर तोड़फोड़ हुई और दोनों ओर से पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन ने सांप्रदायिक तनाव की आशंका के मद्देनजर लगातार निगरानी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भड़काऊ सामग्री माहौल को और खराब न कर सके।

पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार के नाम शामिल हैं। पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि अन्य की तलाश जारी है।

उधर जिला प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण का हवाला देते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासनिक टीम ने कई स्थानों पर बाउंड्रीवाल और कथित अवैध निर्माण ध्वस्त किए। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देवभूमि की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल बैरागीवाला में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पानी के विवाद से शुरू हुआ यह संघर्ष अब हत्या, आगजनी, पथराव, गिरफ्तारी और बुलडोजर कार्रवाई तक पहुंच चुका है। पूरे उत्तराखंड की नजर अब इस मामले में आगे होने वाली पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।