कानपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। चाय के कारोबार में हुए घाटे की भरपाई के लिए एक युवती ने अपने ही परिवार को निशाना बनाने की साजिश रच डाली। उसने अपने प्रेमी को न सिर्फ लूट के लिए तैयार किया, बल्कि घर की पूरी रेकी कर यह भी बता दिया कि किस समय घर में कौन रहेगा। पहचान छिपाने के लिए प्रेमी और उसके 12वीं में पढ़ने वाले नाबालिग भाई को बुर्का पहनाकर भेजा गया, लेकिन घर की महिला की हिम्मत और पड़ोसियों की सतर्कता ने पूरी साजिश को कुछ ही मिनटों में धराशायी कर दिया।
मामला कानपुर के श्याम नगर क्षेत्र का है। यहां रहने वाले राजेंद्र प्रिंटिंग प्रेस का कारोबार करते हैं। शनिवार दोपहर वह अपने बच्चों को स्कूल से लेने गए थे। घर पर उनकी पत्नी शैली और मां राधा अकेली थीं। इसी दौरान बुर्का पहने दो लोग घर के अंदर पहुंचे। शुरुआत में शैली ने उन्हें महिलाएं समझा, लेकिन कुछ ही पल बाद दोनों ने बुर्का हटाया और लोहे की रॉड निकालकर हमला करने की कोशिश की। उनके पास तिजोरी काटने वाला कटर भी था और मकसद घर में रखे नकदी व जेवरात लूटना था।
हालांकि बदमाशों का अनुमान गलत साबित हुआ। शैली घबराने के बजाय पूरी ताकत से चीखने-चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनते ही आसपास के लोग घर की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते मोहल्ले वालों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया। भागने की कोशिश नाकाम रही और लोगों ने दोनों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रांजल सिंह के रूप में हुई। उसने बताया कि वह पहले राजेंद्र की चचेरी बहन श्यामिका के घर किराये पर रहता था। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। बाद में दोनों ने मिलकर चाय का कारोबार शुरू किया, लेकिन कारोबार में भारी नुकसान हो गया। आर्थिक तंगी बढ़ी तो दोनों ने जल्द पैसा जुटाने के लिए लूट की योजना बना डाली।
जांच में सामने आया कि श्यामिका ने ही अपने प्रेमी को बताया था कि उसके भाई राजेंद्र के घर में नकदी और जेवर रखे हैं। उसने यह भी बताया कि दोपहर के समय राजेंद्र बच्चों को लेने स्कूल चले जाते हैं और उस समय घर में सिर्फ उसकी भाभी शैली और सास राधा रहती हैं। यानी वारदात का समय, घर की स्थिति और अंदर की पूरी जानकारी कथित तौर पर श्यामिका ने ही उपलब्ध कराई।
प्रांजल को वारदात में साथ देने के लिए कोई अन्य साथी नहीं मिला तो उसने पैसों का लालच देकर अपने 12वीं में पढ़ने वाले नाबालिग भाई को तैयार कर लिया। दोनों ने पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहना और कटर व लोहे की रॉड लेकर घर पहुंच गए। उनका इरादा महिलाओं को डराकर तिजोरी काटने का था, लेकिन शैली की बहादुरी और मोहल्ले वालों की तत्परता से पूरी योजना फेल हो गई।
पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल कटर, लोहे की रॉड और बुर्का बरामद कर लिया है। पीड़िता शैली और उनके पति राजेंद्र की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रांजल सिंह, उसकी कथित प्रेमिका श्यामिका और नाबालिग भाई के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए तीनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। मामले की जांच जारी है।



