पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एक महिला और नाबालिग किशोरी के रिश्ते को लेकर सनसनी फैल गई। मामला उस समय गंभीर हो गया जब दोनों कथित तौर पर परिवार के विरोध के बाद काली नदी में कूदकर जान देने की तैयारी में पहुंच गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और समय रहते दोनों को सुरक्षित बचा लिया।
जानकारी के अनुसार झूलाघाट क्षेत्र की 28 वर्षीय विवाहित महिला पिछले कुछ समय से पिथौरागढ़ नगर में किराये के मकान में रह रही थी। महिला की छह साल की बेटी भी है, जबकि उसका पति दिल्ली में नौकरी करता है। बताया जा रहा है कि महिला और 17 वर्षीय किशोरी के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। दोनों का एक-दूसरे के गांव और रिश्तेदारी में आना-जाना था, जिसके दौरान दोस्ती गहरी होती चली गई।
सूत्रों के मुताबिक महिला खुद किशोरी को बुलाने की मांग लेकर थाने पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने किशोरी और उसके परिजनों को भी कोतवाली बुलाया। पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलकर एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई। यह सुनकर परिजन सकते में आ गए।
पुलिस और परिवार वालों ने दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अपनी बात पर अड़ी रहीं। बाद में जब दोनों थाने से निकलकर काली नदी की ओर चली गईं तो परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आशंका जताई गई कि दोनों आत्मघाती कदम उठा सकती हैं। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों को रोक लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार किशोरी नाबालिग है, इसलिए उसे बाल कल्याण समिति की निगरानी में भेजा गया है। वहीं महिला को कानूनी और सामाजिक पहलुओं को लेकर चेतावनी दी गई है। मामले में काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि दोनों को मानसिक और सामाजिक रूप से समझाया जा सके।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि संवेदनशील मामलों में अफवाह फैलाने से बचें और किसी भी मानसिक तनाव की स्थिति में परिवार और प्रशासन का सहयोग लें।

