बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, अब 17 सितंबर को होगी सुनवाई

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे की जमीन से जुड़े अतिक्रमण के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। रेलवे की ओर से मामले को तत्काल सुने जाने का आग्रह किया गया था, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। अब मामले की सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

सुनवाई टलने के बीच प्रशासन और पुलिस की ओर से बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई थी। क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी की तैनाती के साथ फ्लैग मार्च किया गया। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर कहा कि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से जो भी आदेश दिया जाएगा, राज्य सरकार उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि फरवरी 2024 में मलिक के बगीचे में नगर निगम की भूमि से कब्जा हटाने के दौरान हुई घटना को देखते हुए रेलवे भूमि प्रकरण में पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भड़काऊ या आपत्तिजनक टिप्पणी करने और न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर नजर रख रही हैं।

बुधवार को पुलिस ने रेलवे स्टेशन से लेकर लाइन नंबर 17, इंद्रानगर बड़ी रोड, मुजाहिद चौक, गोपाल मंदिर, ठोकर, शनि बाजार रोड, ताज मस्जिद, 16 नंबर तिराहा, गांधी नगर, चोरगलिया रोड, ताज चौराहा और भारद्वाज चौराहा समेत कई इलाकों में फ्लैग मार्च किया।

इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बनभूलपुरा में पुलिस का सत्यापन अभियान भी जारी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। फ्लैग मार्च एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र के नेतृत्व में निकाला गया। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।

अभियान में सीओ हल्द्वानी अमित कुमार, सीओ भवाली रविकांत सेमवाल, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, बनभूलपुरा प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल समेत विभिन्न थानों के अधिकारी और पुलिस बल शामिल रहा। पीएसी, दंगा नियंत्रण दल, बम निरोधक दस्ता, अग्निशमन कर्मी और ड्रोन टीम भी तैनात रही।

दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा क्षेत्र

सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनभूलपुरा क्षेत्र को दो सुपर जोन और चार जोन में विभाजित किया गया। व्यवस्था में दो पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी, 15 निरीक्षक व थानाध्यक्ष, 45 उपनिरीक्षक तथा अतिरिक्त उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मी समेत बड़ी संख्या में बल लगाया गया। पुलिस के अनुसार करीब 300 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी की दो कंपनियां और ड्रोन की दो टीमें सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गईं।

पुलिस ने इलाके की छतों, गलियों और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की। लोगों को छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा या किसी तरह की आपत्तिजनक वस्तु जमा नहीं करने की चेतावनी दी गई है। कोतवाली हल्द्वानी में ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग कर उन्हें किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

सुरक्षा इंतजामों के तहत आंसू गैस और दंगा नियंत्रण की दो-दो टीमें तैयार रखी गईं। दो फायरिंग दस्ते, चार अग्निशमन इकाइयां, यातायात पुलिस की चार टीमें, बम निरोधक दस्ता और हॉक पुलिस की दो इकाइयां भी तैनात रहीं।