
कभी देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में नाम आने के कारण सुर्खियों में रहा सुरेंद्र कोली अब नहीं रहा। निठारी कांड से जुड़े मामलों में लंबे समय तक जेल में रहने और कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद सर्वोच्च न्यायालय से दोषमुक्त हुए कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। वह भूपतवाला क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि के बाद शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों में दर्ज नाम निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली से मेल खाता है। मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।
कौन था सुरेंद्र कोली?
सुरेंद्र कोली मूल रूप से निठारी कांड से जुड़े उन आरोपियों में शामिल था, जिनका नाम वर्ष 2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके से बच्चों और महिलाओं के लापता होने के मामलों की जांच के दौरान सामने आया था। 29 दिसंबर 2006 को पुलिस ने सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के आसपास तलाशी ली थी। इस दौरान मानव अवशेष समेत कई महत्वपूर्ण चीजें बरामद होने के बाद मामला पूरे देश में चर्चित हो गया।
कोली पंढेर के यहां घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। पुलिस कार्रवाई के बाद उसे और मोनिंदर सिंह पंढेर को गिरफ्तार किया गया। बाद में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। अलग-अलग मामलों में कोली पर हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए और कई मुकदमों में उसे दोषी ठहराया गया।
निठारी कांड की लंबी कानूनी प्रक्रिया में कोली की स्थिति कई मुकदमों में अलग-अलग रही। जुलाई 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने निठारी से जुड़े कई मामलों में उसकी दोषमुक्ति को बरकरार रखा था। 11 नवंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने निठारी से जुड़े उसके अंतिम आपराधिक मामले में भी उसकी याचिका स्वीकार करते हुए पुरानी दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कोली जेल से बाहर आया। इसके बाद वह हरिद्वार पहुंचा और भूपतवाला क्षेत्र में रहने लगा। पिछले कुछ दिनों से वह चाय की दुकान चला रहा था। जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने की यह कोशिश ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और शुक्रवार को उसकी मौत की खबर सामने आई।




