उत्तराखंड में बुधवार को ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने विभिन्न शहरों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला। रुद्रपुर, खटीमा, रामनगर और काशीपुर से लेकर श्रीनगर गढ़वाल तक आयोजन हुए। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए और कई स्थानों पर सजावट के साथ लोगों ने जुलूस का स्वागत किया।
खटीमा में मुस्लिम समाज के लोग इस्लामनगर स्थित नूरी मस्जिद में एकत्र हुए, जहां से जुलूस निकाला गया। जुलूस इस्लामनगर और गौटिया होते हुए नगर के विभिन्न मार्गों से जामा मस्जिद पहुंचा। मुख्य चौक पर उलेमाओं ने संबोधित करते हुए अमन और शांति का संदेश दिया। जुलूस के दौरान लोगों ने देश और प्रदेश में शांति की दुआ की। कई जगह जुलूस में शामिल लोगों के लिए ठंडे पानी और खीर की व्यवस्था भी की गई।
रामनगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी सुबह नज्जारान मस्जिद भवानीगंज से शुरू हुआ। यह गुलरघट्टी, बंबाघेर, रानीखेत रोड, खताड़ी और मुख्य बाजार से होते हुए जामा मस्जिद पहुंचकर समाप्त हुआ। जामा मस्जिद में शहर पेश इमाम मुफ्ती गुलाम मुस्तफा नईमी ने लोगों से पैगंबर हजरत मुहम्मद के बताए रास्ते पर चलने और समाज व देश की तरक्की के लिए दुआ करने की अपील की। इससे पहले मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में गलियों और सड़कों को फूलों व रोशनी से सजाया गया था।
रामनगर में जुलूस को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए। बड़े वाहनों को बाईपास से डायवर्ट किया गया, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था बनी रही। पुलिसकर्मी जुलूस के साथ तैनात रहे।
काशीपुर में भी जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साह के साथ भाग लिया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
श्रीनगर गढ़वाल में ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर जामा मस्जिद परिसर में मुस्लिम समाज की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, इससे पहले हुए दो शिविरों में 102 और 88 यूनिट रक्त एकत्र कर ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया गया था। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग रक्तदान के लिए पहुंचे।



